search

जान जोखिम में डालकर यात्रा: कोचों में भारी भीड़! सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के दरवाजों पर लटके यात्री

cy520520 2025-11-25 16:37:16 views 842
  

ट्रेन के दरवाजों पर लटके यात्री। जागरण



संवाद सहयोगी, जागरण. टूंडला। ट्रेनों में भीड़ बढ़ती जा रही है। सोमवार को दोपहर दिल्ली से पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार तक चलने वाली सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस में यात्री स्लीपर कोच के दरवाजों पर लटककर यात्रा करते दिखे। वहीं सामान्य कोच में घुसने तक की जगह नहीं थी। भीड़ देख कई ने तो अपनी यात्रा रद कर दी।
सुबह 11.50 मिनट पर रेलवे स्टेशन पहुंची इस ट्रेन के स्लीपर कोच में यात्री ठूंसकर भरे हुए थे। सीटें जहां फुल थीं वहीं, यात्री ट्रेन के दरवाजों पर बैठकर यात्रा कर रहे थे। फतेहपुर जा रहे यात्री सुबोध कुमार दरवाजे का कुंडा पकड़कर लटके हुए थे। उनका कहना था कि ट्रेन में पैर रखने तक को जगह नहीं है। सामान्य कोच की स्थिति और भी खराब है। उन्हाेंने दावा किया कि वे जब भी यात्रा करते  हैं, उन्‍हें ट्रेन में जगह नहीं मिलती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
सामान्य कोचों में नहीं थी घुसने की जगह, जान जोखिम में डाल रहे यात्री



प्रयागराज जा रहे भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि दिल्ली से टूंडला तक धक्के खाते हुए पहुंचे हैं। यहां भी जगह नहीं मिल पा रही है। ट्रेन के दरवाजे पर बैठकर यात्रा कर रहे पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन जाने वाले करनजीत का कहना था कि इस बार भीड़ कुछ अधिक है। यहां स्लीपर में भी सामान्य कोच से बुरी स्थिति है। ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना था कि रेलवे को ट्रेनों में सामान्य और स्लीपर के कोच बढ़ाने चाहिए, जिनमें यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।

लटककर यात्रा करना हो सकता है घातक


ट्रेनों के दरवाजे पर लटककर यात्रा करना यात्रियों के लिए खतरनाक हो सकता है। कभी-कभी हाथ छूटने की वजह से यात्रियों की जान भी चली जाती है। पूर्व में इस तरह की कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। आरपीएफ कंपनी कमांडर अवेधश गोस्वामी का कहना है कि समय-समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
145979

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com