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Bihar Teacher Transfer: शिक्षकों के प्रखंड-विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया शुरू, ऑनलाइन भरना होगा विकल्प

deltin33 2025-11-24 19:07:08 views 565
  



जागरण संवाददाता, मधुबनी। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा अंतर जिला स्थानांतरण के तहत जिले आवंटित किए गए शिक्षकों के लिए प्रखंड एवं विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। विभाग ने इसके लिए विस्तृत मार्गदर्शिका जारी कर दी है, जिसका पालन राज्य के सभी जिलों के साथ मधुबनी में भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

प्राप्त सूचना के अनुसार, प्रथम चरण में 41,684 आवेदनों में से 24,732 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया था। वहीं विकल्प के अनुरूप रिक्ति उपलब्ध न होने के कारण जिन शिक्षकों को आवंटन नहीं मिल सका था, उनसे दोबारा जिले के विकल्प लिए गए, जिसके बाद 2,439 शिक्षकों को जिला आवंटित हुआ।

इस प्रकार कुल 27,171 शिक्षकों को दो चरणों में अंतर जिला स्थानांतरण के तहत जिला आवंटन किया गया है। अब इन सभी शिक्षकों से आवंटित जिला अंतर्गत पांच प्रखंडों का ऑनलाइन विकल्प 24 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से लिया जाएगा। मधुबनी जिला प्रशासन को भी इस प्रक्रिया की तैयारी का आदेश दे दिया गया है।
प्रखंड आवंटन 10 दिसंबर से

आवंटन के लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थापना समिति साफ्टवेयर के माध्यम से प्रखंडवार, कक्षावार एवं विषयवार रिक्ति को आधार बनाकर 10 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक प्रखंड आवंटन करेगी। जो शिक्षक पांच प्रखंडों का विकल्प नहीं देंगे, उनका जिला आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा और वे पहले वाले जिले- विद्यालय में ही पदस्थापित माने जाएंगे।
विद्यालय आवंटन 16 से 31 दिसंबर

प्रखंड आवंटन के बाद 16 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया चलेगी। प्राथमिकता क्रम में नियमित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक (टीआरई-1 एवं टीआरई-2) को क्रमशः स्थान दिया जाएगा। साथ ही दिव्यांग महिला, दिव्यांग पुरुष, फिर सामान्य महिला और अंत में सामान्य पुरुष शिक्षकों को उम्र के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।

बता दें कि विद्यालय आवंटन के दौरान मधुबनी जिले में भी यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन विद्यालयों में विषयवार पूर्ण रिक्ति है, वहां पहले शिक्षक भेजे जाए। किसी विषय के लिए तब तक दो शिक्षक नहीं दिए जाएंगे, जब तक सभी विद्यालयों में उस विषय का न्यूनतम एक शिक्षक उपलब्ध न हो। विद्यालयों का ‘छात्र-शिक्षक अनुपात’ भी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा ताकि जहां आवश्यकता अधिक है, वहां पहले पदस्थापन हो सके।
योगदान करना अनिवार्य

विद्यालय आवंटन के बाद जारी आदेश में दी गई तिथि तक शिक्षकों को अपने आवंटित विद्यालय में योगदान करना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और सॉफ्टवेयर-आधारित तरीके से संपन्न कराया जाए तथा मार्गदर्शिका का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।

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