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तय समय पर नहीं हुई वार्डबंदी, मार्च-अप्रैल तक खिसक सकते हैं सोनीपत नगर निगम के चुनाव

cy520520 2025-11-24 16:37:24 views 1122
  

वार्डबंदी को लेकर 17 नवंबर को आयोजित बैठक में उपायुक्त में 20 नवंबर तक वार्डबंदी का काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। जोकि पूरा नहीं हो पाया। अर्काइव



जागरण संवाददाता, सोनीपत। नगर निगम के जनवरी, 2026 में प्रस्तावित चुनाव में देरी हो सकती है। सबसे बड़ा कारण है, वार्डबंदी फाइनल न होना। दरअसल, शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से वार्डबंदी का काम पूरा करने के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की थी, लेकिन ये काम पूरा नहीं हो पाया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

चुनाव संबंधित और भी तैयारी की जानी है। इन तैयारियों को पूरा होने में भी दिसंबर लास्ट तक का समय लगेगा। सरकार भी चाह रही है कि जनवरी तक चुनाव करा दिए जाएं, लेकिन तैयारियों को देखते हुए इसकी संभावनाएं काफी कम लग रही हैं। ऐसे में चुनाव मार्च-अप्रैल तक खिसक सकते हैं।

आयोग दूसरी बार नगर निगम के आम चुनाव जनवरी-26 में कराने की तैयारी कर रहा है। इसकी तैयारी को लेकर आयोग ने अगस्त में ही निगम के साथ पत्र व्यवहार किया था। आबादी के अनुसार नई वार्डबंदी की प्रक्रिया अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। निगम की तरफ से मैपिंग का कार्य पहले ही कराया जा चुका था।

सर्वे के दौरान मतदाता की कालोनी भी लिखी गई थी, ताकि वार्डबंदी करने में परेशानी नहीं आए। निगम ने वार्डबंदी के लिए अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय से पीपीपी का डाटा मांगा था। पिछले दिनों कार्यालय ने अधूरा डाटा निगम को मुहैया कराया है। इसमें नौ बूथों का डाटा नहीं है, जिसके कारण कमेटी वार्डबंदी को फाइनल नहीं कर पाई है। इसके चलते 17 नवंबर को उपायुक्त ने रिकार्ड के साथ निगम अधिकारियों को बुलाया था। अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी और 20 नवंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है।
समय पर चुनाव होने के आसार कम

वार्डबंदी का काम पूरा न होने की वजह से जनवरी में प्रस्तावित निकाय चुनाव फरवरी में भी होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। फरवरी में हरियाणा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं भी आयोजित होनी है। ऐसे में चुनाव की व्यवस्था करना मुश्किल होगा, जिसके बाद मार्च में बजट सेशन शुरू हो जाएगा। ऐसे में संभावना दिख रही है कि चुनाव बजट सेशन के बाद आयोजित किया जा सकेगा।
ड्रॉ पर भी टिकी है निगाह

चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने वालों की निगाहें मेयर पद के ड्रॉ पर टिकी हैं, क्योंकि सोनीपत के साथ ही पंचकूला और अंबाला में भी चुनाव होने हैं। इन तीनों में से एक सीट बीसी-बी महिला के लिए आरक्षित होनी है। मौजूदा समय में तीनों सीट सामान्य हैं। नौ महीने पहले ही पहले ही मेयर पद के उपचुनाव हुए थे। राजीव जैन मेयर बने थे। ऐसे में सभी की निगाह ड्रॉ पर लगी है।
नंबर गेम

  • 2015 में सोनीपत को नगरपरिषद से नगर निगम का दर्जा मिला
  • 2020 में नगर निगम का पहला चुनाव कराया गया
  • 09 बूथ का डाटा न मिलने से धीमी चल रही है वार्डबंदी
  • 20 हजार तक अनुमानित वोटर हो सकते है हर वार्ड में

निगम में आरक्षण का ये है परिदृश्य

सोनीपत नगर निगम में कुल 22 सीटें तय हुई हैं। इनमें चार अनुसूचित जाति, दो अनुसूचित जाति महिला, दो पिछड़ा वर्ग ‘ए’, एक पिछड़ा वर्ग ‘ए’ महिला और आठ सीटें सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। वहीं, 22 वार्डों में 4 लाख 5 हजार 275 कुल जनसंख्या है। इनमें 83,000 बैकवर्ड क्लास (ए) की जनसंख्या है, 20,953 बैकवर्ड क्लास (बी) की जनसंख्या है। जबकि एससी की जनसंख्या 59,224 है।




नगर निगम का कार्यकाल जनवरी में खत्म हो जाएगा। सरकार समय पर चुनाव करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बार चार लाख की आबादी के हिसाब से 20 की बजाय 22 वार्ड बनाएं जाएंगे। अधिकारियों को सुझाव दिया है कि एक हजार वोट पर एक बूथ बनाया जाए और कुल वोट को 22 वार्डों में विभाजित करके वार्डबंदी की जाए।


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- राजीव जैन, मेयर, नगर निगम
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