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गव्य विकास योजना की आड़ में 40-40 हजार की ठगी, डीप बोरिंग के लालच में 100 लोग बने शिकार

deltin33 2025-11-19 18:07:17 views 1258
  

40-40 हजार की ठगी



शिवशंकर कुमार, साहिबगंज। गव्य विकास विभाग से डीप बोरिंग दिलाने के नाम पर सदर प्रखंड की गंगा प्रसाद पूर्व मध्य पंचायत के महादेवगंज और गंगा प्रसाद पश्चिम मध्य पंचायत के जयंतीग्राम के करीब सौ लोगों से 40-40 हजार रुपये की ठगी कर ली गई है। दोनों गांव के करीब 50-50 लोग इसके शिकार हुए हैं।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इसमें विभागीय पदाधिकारी व कर्मियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है। हो-हंगामे के बाद कुछ लोगों के यहां पाइप गाड़ा गया है। हालांकि, उसमें अब तक समरसेबल नहीं लगाया गया है। बोरिंग की गहराई कितनी है यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।  
मामला शांत करने के लिए एक-दो पाइप गाड़ा

महत्वपूर्ण बात यह कि जिन लोगों के यहां पाइप गाड़ा गया है उनका नाम गव्य विकास विभाग की सूची में है ही नहीं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि लाभुकों को शांत करने के लिए एक-दो पाइप गाड़ दिया गया है।  

बताया जा रहा है कि गांव के ही एक बिचौलिये ने विभाग में अपनी अच्छी पैठ बताकर लोगों को अपने विश्वास में लेकर वसूली की। करीब छह-सात माह पहले यह वसूली की गई। लोगों ने बोरिंग कराने को कहा तो एक-दो पाइप गाड़ कर छोड़ दिया गया।
गव्य विकास विभाग की योजना के नाम पर ठगी

गव्य विकास विभाग ने 10 या उससे अधिक गाय रखने वालों के लिए इस योजना की शुरुआत 2022 में की थी। एक लाख रुपये में डीप बोरिंग होना था तथा उसमें समरसेबल पंप लगाना था।  

सामान्य श्रेणी के लाभुकों को 75 प्रतिशत अनुदान था तथा मात्र 25 प्रतिशत अंशदान देना था जबकि एसटी-एसी को 90 प्रतिशत अनुदान था। लाभुक को 10 प्रतिशत ही अंशदान देना था। यानी सामान्य श्रेणी के लाभुक को 25 हजार रुपये तथा एसटी-एसी लाभुक को मात्र 10 हजार रुपये में डीप बोरिंग होनी थी लेकिन बिचौलिए ने 40-40 हजार रुपये इसके नाम पर वसूल लिए।  
42 लाभुकों को डीप बोरिंग कराने का लक्ष्य

उधर, वित्तीय वर्ष 2024-2025 में विभाग को पूरे जिले में 42 लाभुकों को डीप बोरिंग कराने के लिए लक्ष्य मिला था। लेकिन इनमें से 37 डीप बोरिंग अकेले सदर प्रखंड की दो पंचायतों में कर दी गई। बोरियो में तीन तथा उधवा में दो लोगों को योजना का लाभ मिला।  

अन्य प्रखंडों में एक भी बोरिंग नहीं करायी गयी। वैसे योजना के तहत जिन लोगों के यहां बोरिंग की गई उनके यहां समरसेबल भी लगा दिया गया है। बताया जाता है कि बिचौलिए ने उन्हीं योजनाओं को दिखाकर अन्य लोगों से वसूली कर ली।
कई लोगों ने कर्ज लेकर दी राशि  

सरकारी योजना का लाभ लेने पर खाते में राशि जमा करनी होती है लेकिन यहां बिचौलिए ने नकद राशि ले ली। कई लोगों ने अपने खेत को 30 से 40 हजार रुपया में बंधक रखकर पैसा दिया। कुछ महिलाओं ने सखी मंडल से कर्ज लिया।  

बताया जा रहा कि अपनी बोरिंग की आस में कई महिलाओं ने घर के लोगों से बिना पूछे राशि दे दी। ऐसे में अब महिलाओं की स्थिति काफी खराब है। घर के लोग भी उन्हें ताने दे रहे हैं। सभी बिचौलिए को खोज रहे हैं लेकिन वह मिल नहीं रहा।  
कौन-कौन हुए ठगी के शिकार

जयंतीग्राम के मंटू रविदास की पत्नी सुलेखा देवी, टिंकू राम की पत्नी सुमन देवी, स्व. पुछु पासवान के पुत्र मंटू पासवान, राम शंकर दास की पत्नी बानो देवी, प्रकाश रविदास की पत्नी अंजली देवी, सीताराम रविदास की पत्नी फूलकुमारी देवी, महेंद्र राम के पुत्र गणेश रविदास, स्व. हरि प्रसाद की पत्नी सुनिता मोस्मात, स्व. गजू के पुत्र प्रकाश रविदास, महादेवगंज के बीचटोला में गोखुलनंद यादव, लक्ष्मण यादव, चनारम यादव, शिवजी यादव, लालजी यादव, दिलीप, नथुनी, गिरधारी यादव, कमलेश यादव, नरंतक यादव, किसुनदेव यादव, मुकेश यादव आदि ठगी के शिकार हुए हैं।


मेरे आने से पहले की योजना है। विभाग का लक्ष्य पूरा हो चुका है। योजना के नाम पर गरीबों से वसूली बिल्कुल गलत है। लाभुक की शिकायत हम तक पहुंचती है तो निश्चित रूप से जांच कराई जाएगी। जांच सही पाए जाने पर बिचौलिए पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।- राम सरीख प्रसाद, प्रभारी जिला गव्य विकास सह डीएएचओ, साहिबगंज
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