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Jharkhand News: ऊर्जा में आत्मनिर्भर बना झारखंड का ये गांव, 100 रुपये में घरों तक पहुंचेगी रसोई गैस

deltin33 2025-11-4 21:07:23 views 1274
  



जागरण संवाददाता, पाकुड़। संताल के पाकुड़ जिले का सरायढेला गांव अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की मिसाल बनने जा रहा है। केंद्र सरकार की गोवर्धन योजना के तहत यहां संताल का सबसे बड़ा बायोगैस प्लांट तैयार किया गया है। यह योजना ग्रामीणों के लिए सस्ती रसोई गैस, आय का नया स्रोत और स्वच्छ वातावरण देने वाली साबित होगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

लगभग 46 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस प्लांट में 80 क्यूबिक मीटर क्षमता वाला गैस टैंक तैयार किया गया है। इसके माध्यम से गांव के 80 घरों के रसोईघर में पाइपलाइन के जरिये गोबर गैस से बनी रसोई गैस पहुंचाई जाएगी। ग्रामीणों को इसके लिए केवल 100 रुपये प्रति माह शुल्क देना होगा।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रामीण अपने पशुओं का गोबर प्लांट को देंगे, जिसका उचित मूल्य उन्हें नकद रूप में मिलेगा। इससे न केवल स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीणों को अतिरिक्त आमदनी भी होगी।

बायोगैस प्लांट से निकलने वाले अवशेष (स्लरी) का उपयोग जैविक खाद के रूप में किया जाएगा, जिससे खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और पशुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा।
तीन साल कंपनी करेगी मेंटेनेंस

रांची की कंपनी क्लासिक इंडिया के द्वारा बायो गैस प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। प्लांट शुरू होने के बाद तीन साल तक कंपनी प्लांट का मेंटेनेंस करेगी। तीन साल के बाद मेंटेनेंस का काम लाभुक समिति के जिम्मे होगा। सरायढेला में पहले ही लाभुक समिति का गठन कर लिया गया है।

लाभुक समिति प्लांट का मेंटेनेंस लाभुक से प्रतिमाह लिए जाने वाले 100 रुपये की राशि से करेगी। सरायढेला के प्रत्येक परिवार को सुबह - शाम दिन में दो बार पाइप लाइन में रसोई गैस बायो गैस की आपूर्ति की जाएगी। गांव के लोगों में इस योजना को लेकर काफी उत्साह है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब सिलेंडर की चिंता खत्म हो जाएगी। मात्र 100 रुपये में महीने भर का गैस मिलेगा और गोबर बेचकर आय भी बढ़ेगी। क्या कहते हैं जिला समन्वयक पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जिला समन्वयक सुमन मिश्रा ने बताया कि सरायढेला का यह बायोगैस प्लांट का काम लगभग पूर्ण कर लिया गया है। अब कुछ औपचारिकताएं बची है।

गोवर्धन योजना के तहत सरायढेला में तैयार बायोगैस प्लांट का निरीक्षण कर इसे राज्य स्थापना दिवस के मौके पर शुरू कर दिया जाएगा। इस प्लाट के शुरू हो जाने से यहां के लोगों के घरों तक 100 रुपये महीना में रसोई गैस पहुंचेगा। लोगों की ऊर्जा संकट दूर होगी। -मनीष कुमार, उपायुक्त, पाकुड़ क्या खबर में कोई लिंग दोष है
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