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मेड-इन-इंडिया ऐप्स का कमाल: अब डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर भारत

Chikheang 2025-10-23 20:01:50 views 1085
  

मेड-इन-इंडिया ऐप्स का कमाल: अब डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर भारत



टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आत्मनिर्भर भारत की सोच और डेटा प्राइवेसी की बढ़ती चिंता ने भारतीय डेवलपर्स को नए, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली ऐप बनाने के लिए प्रेरित किया है। आज कई ऐसे मेड-इन-इंडिया ऐप्स हैं, जो वाट्सएप, जीमेल या गूगल मैप्स जैसे लोकप्रिय विदेशी ऐप्स को चुनौती दे रहे हैं। ये ऐप्स सिर्फ सुरक्षित ही नहीं हैं, बल्कि भारतीय यूजर्स की जरूरतों और पसंद के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

ज्यादातर लोगों को यह भी नहीं पता कि वाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल ड्राइव और माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस जैसे ऐप्स के भारतीय विकल्प भी मौजूद हैं। अगर आप भी इनसे अनजान हैं, तो यहां कुछ टाप मेड-इन-इंडिया ऐप्स के बारे में जानेंगे, जो विदेशी ऐप्स को टक्कर दे सकते हैं।
मैसेजिंग से नेविगेशन तक भारतीय ऐप्स

  • अरट्टै (Arattai)


अरट्टै (Arattai) की खूब चर्चा हो रही है। इस शब्द का तमिल में मतलब है- बातचीत यानी चैट। जोहो कॉरपोरेशन द्वारा विकसित स्वदेशी भारतीय मैसेजिंग एप है, जिसे वाट्सएप का स्वदेशी वर्जन भी कहा जा सकता है। इसमें भी यूजर को सुरक्षित चैटिंग और कॉलिंग का अनुभव मिलता है। साथ ही, यूजर फोटो, वीडियो और डाक्यूमेंट भी आसानी से साझा कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इसमें बिजनेस के लिए ब्रॉडकास्ट चैनल बनाने और मीटिंग शेड्यूल करने की सुविधा भी है। अर‌ट्टै विज्ञापन से मुक्त है, जिससे यूजर एक्सपीरियंस भी बढ़िया रहता है।

इस ऐप पर डेटा पूरी तरह भारतीय सर्वर पर सुरक्षित रखा जाता है, जिससे यूजर्स की प्राइवेसी भी सुनिश्चित होती है। अरट्टै का उपयोग व्यक्तिगत चैटिंग के साथ-साथ छोटे व्यवसाय और ग्रुप्स के लिए भी किया जा सकता है। यह एप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।

  • नायबर्स (Nyburs)


भारतीय सोशल नेटवर्किंग ऐप है, जो स्थानीय भाषाओं और भारतीय संस्कृति पर केंद्रित है। यूजर्स को चैटिंग, नेटवर्किंग, कम्युनिटी एंगेजमेंट जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलती है। इस ऐप में रियल-टाइम मैसेजिंग शामिल है, जो टेक्स्ट, वायस और मीडिया शेयरिंग को आसान बनाता है। यूजर ग्रुप्स भी बना सकते हैं। इसके साथ ही, यह पर्सनल ब्रांडिंग टूल्स देता है, जिससे यूजर पोस्ट, प्रोफाइल और कंटेंट शेयर करके आनलाइन पहचान को मजबूत कर सकते हैं। इससे लोकल भाषाओं में कंटेंट पोस्ट करने की सुविधा है।

  • Zoho Mail


जोहो मेल को भारत में जीमेल के विकल्प को तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह सहित कई हाई प्रोफाइल यूजर्स जीमेल से स्वदेशी जोहो मेल पर स्विच हुए हैं। इसके बाद से यह इंटरनेट मीडिया पर ट्रेड कर रहा है। जोहो मेल में यूजर्स को एड-फ्री एक्सपीरियंस मिलता है, जिससे थर्ड पार्टी ट्रैकिंग की संभावना लगभग नहीं रहती है। इसमें टू-फैक्टर आथेंटिकेशन, कस्टम डोमेन ईमेल और जोहो सुइट के अन्य टूल्स के साथ इंटीग्रेशन की सुविधा है।

जोहो मेल का डाटा भारत और यूरोप में मौजूद सुरक्षित सर्वर्स पर रखा जाता है। यह एप सिर्फ व्यक्तिगत ईमेल के लिए नहीं, बल्कि कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए भी ईमेल और आफिस मैनेजमेंट सॉल्यूशन प्रदान करता है। यह एप भी गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर उपलब्ध है।

  • जोहो सूइट


यह भारत का सबसे बड़ा क्लाउड बेस्ड साफ्टवेयर इकोसिस्टम है। इसमें 55 से ज्यादा बिजनेस एप्लिकेशंस शामिल है, जैसे- जोहो राइटर (वर्ड प्रोसेसिंग), जोहो शीट (स्प्रेडशीट और डाटा एनालिसिस), जोहो शो (प्रेजेंटेशन टूल), जोहो सीआरएम, जोहो बुक्स, जोहो प्रोजेक्ट्स, जोहो पीपल, जोहो क्रिएटर्स आदि। ये टूल्स कंपनियों को अकाउंटिंग, मार्केटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और एचआर कार्यों में मदद करते हैं।

इसमें रियल-टाइम कोलैबोरेशन की सुविधा है, जिससे कई यूजर्स एक साथ काम कर सकते हैं और सभी बदलाव तुरंत क्लाउड पर सेव हो जाते हैं। फाइले सुरक्षित जोहो वर्क ड्राइव पर रहती हैं। एआई असिस्टेंट जिया राइटर में स्टाइल और टोन सुधारने के सुझाव देता है, जबकि शीट में डाटा एनालिस्ट की तरह काम करता है।

जोहो ऑफिस सूट विंडोज, मैक, एंड्रायड और आइओएस पर उपलब्ध है और ऑफलाइन मोड में भी डाक्यूमेंट्स को देखा जा सकता है। यह माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस फाइल्स के साथ कंपैटिबल है, जिससे वर्ड, एक्सेल और पावर पाइंट को आसानी से एडिट किया जा सकता है। यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, सिक्योर सर्वर्स और प्राइवेसी फर्स्ट पॉलिसी का पालन करता है।

  • मैपल्स


भारत में नेविगेशन के लिए गूगल मैप काफी पॉपुलर है, लेकिन अब भारत का अपना नेविगेशन ऐप मैपल्स (Mappls) इसे टक्कर दे रहा है। इस ऐप को मैपमायइंडिया ने विकसित किया है। यह एप न केवल दिशा दिखाता है, बल्कि भारतीय सड़कों, ट्रैफिक और यात्रा की असल चुनौतियों को भी बेहतर ढंग से समझता है।

इसमे रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट्स, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, अस्पताल और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, मैपल्स पिन, टोल और ट्रिप कास्ट कैलकुलेटर, 3 डी फंक्शन व्यू और लाइव ट्रैफिक सिग्नल टाइमर जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। यूजर्स आफलाइन मैप्स भी डाउनलोड कर सकते हैं, जो ग्रामीण इलाकों में बहुत उपयोगी साबित होता है। इसका डाटा सरकारी परियोजनाओं में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
ये हैं कुछ अन्य स्वदेशी ऐप्स

स्वदेशी ऐप्स में डिजीबाक्स, शेयरआल, जियो मीट, जियो चैट, शेयरचैट, मौज, रोपोसो जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। देखा जाए, तो स्वदेशी एप्स ने साबित कर दिया है कि भारत तकनीक का उपयोग करने वाला देश ही नहीं, बल्कि तकनीक बनाने की क्षमता भी रखता है। ये एप्स न केवल सुरक्षित है, बल्कि भारतीय यूजर्स की जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बनाए गए हैं। आने वाले वर्षों में इन स्वदेशी एप्स का प्रभाव और बढ़ेगा।

लेखक: संतोष आनंद
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