सांसद महुआ माझी (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत में झामुमो की सांसद महुआ माजी की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने उनपर दर्ज प्राथमिकी एवं निचली अदालत के संज्ञान के को निरस्त कर दिया।
न्यायालय के संज्ञान और प्राथमिकी के खिलाफ महुआ माजी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान हिंदपीढ़ी इलाके में महुआ माजी के समर्थन में प्रचार सामग्री प्रदर्शित किए गए थे, जबकि उस दौरान राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू थी।
चुनाव पर्यवेक्षक ने हिंदपीढ़ी थाने में इसको लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसको लेकर 29 जनवरी 2025 को उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हुई थी।
इस मामले में कोर्ट ने संज्ञान ले लिया था। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दीपांकर ने अदालत को बताया कि इस मामले में अदालत संज्ञान नहीं ले सकती है।
इस धारा में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गई है और इस धारा में कोई मामला भी नहीं बनता है। इसलिए प्राथमिकी और कोर्ट के संज्ञान को निरस्त किया जाए। इसके बाद अदालत ने सिविल कोर्ट के संज्ञान एवं प्राथमिकी को निरस्त कर दिया।
राज्य ब्यूरो, रांची। कोयला घोटाला मामले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने धनबाद के चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह को समन कर पूछताछ के लिए दो दिनों के भीतर ईडी के रांची स्थित जोनल कार्यालय में बुलाया है।
ईडी ने इससे पहले एलबी सिंह के भाई कुंभनाथ सिंह को समन किया था और मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह ईडी के सामने उपस्थित नहीं हो सका, जिसके चलते उससे पूछताछ नहीं हो सकी है।
जांच के क्रम में ईडी ने एलबी सिंह, उनके भाई कुंभनाथ सिंह व अन्य संबंधित सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी में मिले दस्तावेज और पूछताछ से मिली सूचनाओं के आधार पर ईडी आगे की जांच कर रही है। जांच व पूर्व की छापेमारी में बरामद दस्तावेज के आधार पर ही ईडी ने एलबी सिंह व उनके भाई को समन किया।
ईडी पूछताछ के दौरान एलबी सिंह व उनके सहयोगियों के बीच वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजी साक्ष्य और कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी ट्रेल की जानकारी लेगी। इस मामले में पूर्व में कई लोगों से ईडी पहले ही पूछताछ कर चुकी है। इस मामले में जांच जारी है।  |