प्रदीप सत्यार्थी, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा। जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के अधीन विकसित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है, जिसमें औद्योगिक भूखंडों और उन पर संचालित इकाइयों का विस्तृत ब्यौरा दर्ज होगा। इससे स्पष्ट होगा कि कौन सी इकाई क्या उत्पाद तैयार कर रही है।
इससे उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने और कच्चा माल खरीदने के लिए स्थानीय बाजार मिलेगा और विभागीय स्तर पर भी इकाइयों की निगरानी आसान होगी। औद्योगिक नगरी गाजियाबाद में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) की 35 हजार से अधिक मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां संचालित हैं।
जिले में यूपीसीडा के 12 और उद्योग विभाग व निजी औद्योगिक क्षेत्र के भी 12 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र हैं। मौजूदा समय में इसका स्पष्ट डाटा उपलब्ध नहीं है कि किस औद्योगिक क्षेत्र में इकाई क्या उत्पाद तैयार कर रही है। इस कमी को दूर करने के लिए यूपीसीडा अपने सभी औद्योगिक क्षेत्रों को एक कामन सॉफ्टवेयर प्लेटफार्म से जोड़ने जा रहा है।
इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से सभी औद्योगिक क्षेत्र और उनमें संचालित इकाइयां आपस में कनेक्ट हो जाएंगी। सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद एक क्लिक में इकाई की प्रोफाइल स्क्रीन पर दिखाई देगी। इससे उद्यमियों को अपने ही क्षेत्र में कार्यरत अन्य इकाइयों की जानकारी मिल सकेगी और आपसी व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
ऐसे काम करेगा सॉफ्टवेयर
- प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र के भूखंड संख्या
- भूखंड किसे आवंटित है, उसका नाम
- औद्योगिक इकाई का नाम और उत्पाद का विवरण
- भूखंड खाली है या निर्मित, इसकी जानकारी
- संबंधित फोटो भी उपलब्ध होंगे
नोट : यदि कोई उद्यमी किसी अन्य इकाई या खाली भूखंड की जानकारी चाहता है तो वह साफ्टवेयर के माध्यम से आसानी से प्राप्त कर सकेगा। वहीं विभाग को भी सभी इकाइयों पर प्रभावी निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
यूपीसीडा के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों की जानकारी जुटाने के लिए साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसमें इकाइयों की पूरी जानकारी होगी, जिससे विभाग और उद्यमी दोनों को लाभ मिलेगा।
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- प्रदीप कुमार सत्यार्थी, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा |
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