अभ्याय के बाद एकजुट खिलाड़ी। जागरण
संवाद सूत्र, गौनाहा ( पश्चिम चंपारण )। यदि जज्बा हो तो सुविधाओं के अभाव में भी मंजिल खुद-ब-खुद कदम चूमती है। इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है गौनाहा की प्रथम खेल नर्सरी की आठ बेटियों ने।
युवा खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (पूर्वी क्षेत्र) फुटबाल प्रतियोगिता के लिए इन बेटियों का चयन बिहार की राज्य टीम में हुआ है। चयनित खिलाड़ी नामची सिक्किम के बाइचुंग भूटिया स्टेडियम में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
पहले ही मैच में 21-0 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। सिक्किम में 20 से 24 फरवरी तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में बिहार टीम ने धमाकेदार शुरुआत की है। अपने पहले ही मुकाबले में बिहार ने अंडमान व निकोबार द्वीप समूह को 21-0 के अंतर से शिकस्त दी।
टीम की इस बड़ी जीत में खेल नर्सरी की बेटियों का अहम योगदान रहा। अब बिहार का अगला मुकाबला असम की टीम से होना है। नदी की रेत बनी इनका ट्रेनिंग ग्राउंड इन बेटियों की सफलता की कहानी संघर्षों से भरी है।
गांव में खेल के मैदान की कमी के कारण ये खिलाड़ी नदी द्वारा छोड़ी गई बालू की रेत वाली तट पर घंटों अभ्यास करती थीं। मुख्य प्रशिक्षक सुमित पांडे के मार्गदर्शन में इन खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक को तराशा।
खास बात यह है कि ये सभी आठों खिलाड़ी एक ही गांव सीठी से है। ये सभी साथ मे उच्च विद्यालय बखरी की छात्राएं हैं। चयनित खिलाड़ियों में तनु कुमारी, दामिनी कुमारी, सोनामती कुमारी, अनु कुमारी, रागिनी कुमारी, अनुप्रिया कुमारी, मानवी कुमारी एवं रेखा कुमारी शामिल है।
इनकी सफलता के लिए रामनगर विधायक नंदकिशोर राम, प्रधानाध्यापक मो. फिरोज आलम ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। कहा कि इन बेटियों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। जिला फुटबॉल संघ और लायंस क्लब के सदस्यों ने भी इसे पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण बताया है।
खेल नर्सरी की आठ बच्चियों के राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में चयन जिले के लिए गौरव की बात है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन बेटियों ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन से यह उपलब्धि हासिल की है।
-विजय कुमार पंडित, जिला खेल पदाधिकारी, बेतिया। |