डेरा प्रमुख राम रहीम। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, पंचकूला। हरियाणा के जिला पंचकूला स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) की अदालत में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और दो डाक्टरों के खिलाफ नपुंसकता (बधियाकरण) मामले में शिकायतकर्ता की गवाही 5 मार्च को होगी।
अदालत ने शनिवार को हुई सुनवाई में 5, 6 और 7 मार्च को उसकी गवाही के लिए निर्धारित किया है। इन तीन दिन किसी अन्य गवाह को सुनवाई के लिए समन नहीं किया जाएगा।
अमेरिका में रहने वाले शिकायतकर्ता ने पिछले महीने स्थगन की मांग करते हुए अपनी याचिका में कहा था कि वह रेटिनल वेन ऑक्लूजन के इलाज से गुजर रहा है और डॉक्टरों ने उसे लंबे समय तक कैमरे की ओर देखने से बचने की सलाह दी है।
उसने यह भी कहा कि राम रहीम एक प्रभावशाली व्यक्ति है, जिसके वरिष्ठ राजनेताओं से संबंध हैं, और उसने गवाही की रिकॉर्डिंग के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के दूरस्थ केंद्र पर अपने वकील की भौतिक उपस्थिति की अनुमति देने का अनुरोध किया।
सीबीआई के बचाव पक्ष के वकील ने जिरह स्थगित करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। हालांकि, बचाव पक्ष ने दूरस्थ वीसी केंद्र पर गवाह के वकील की भौतिक उपस्थिति के अनुरोध का विरोध किया और तर्क दिया कि साक्ष्य रिकॉर्डिंग के दौरान दूरस्थ केंद्र पर वकील की उपस्थिति की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है।
शिकायतकर्ता और बचाव पक्ष के वकीलों और सीबीआइ की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्णय दिया था कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए वीडियो कान्फ्रेंसिंग नियमों के अनुसार वकील को वीसी कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल दूरस्थ केंद्र समन्वयक को वीडियो कान्फ्रेंसिंग प्रक्रिया को सुगम बनाने की अनुमति होगी।
यह मामला सात जनवरी 2015 को सीबीआई, नई दिल्ली द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 326, 417 और 506 के तहत गुरमीत राम रहीम, डा. पंकज गर्ग और डा. एमपी सिंह के खिलाफ दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, राम रहीम ने कथित रूप से डाक्टरों की मिलीभगत से लगभग 400 अनुयायियों का बधियाकरण करवाया, यह दावा करते हुए कि इससे वह भगवान के करीब पहुंचेंगे। |