search

बरेली हत्याकांड: सीढ़ियों पर ही रोक दी जोगेंद्र की सांसें, पत्नी और बेटे के बयानों ने पुलिस को भी उलझाया!

deltin33 1 hour(s) ago views 487
  

बदायूं रोड स्थित प्रगती नगर में निर्माणाधीन मकान में जोगेंद्र की हत्या छत पर छानबीन करती पुलिस और जोगेंद्र का फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, बरेली। जोगेंद्र की हत्या की चश्मदीद उसकी पत्नी अनीता ने पुलिस को जो कहानी बताई, वह दिल दहला देने वाली थी। बोली, पति आधी सीढ़ी ही चढ़ पाए ऊपर से बदमाशों ने गोली मार दी। पति के साथ वह भी नीचे गिर गई। इतने पर भी बदमाश नहीं रुके, वह नीचे आए और रुपये से भरा हुआ थैला लूटकर छत के रास्ते फरार हो गए।

पुलिस ने बच्चों से भी बात की, जिसके बाद पुलिस ने कई बिंदुओं पर एक साथ काम शुरू कर दिया है। पुलिस को अनीता ने बताया कि रात जब बदमाशों की आहट हुई तो पति (जोगेंद्र) ने हिम्मत दिखाई और मोटा डंडा लेकर छत पर चढ़ने लगे। वह भी पीछे से डंडा लेकर चली। आधी सीढ़ियों पर पहुंचने पर ही सामने से बदमाश ने जोगेंद्र के सीने में गोली मार दी।

  

गोली लगते ही जोगेंद्र नीचे बरामदे में गिरे। उनके साथ वह भी गिर गई। शोर मचाने पर बच्चे भी कमरे से बाहर आ गए। इसी बीच एक बदमाश नीचे आकर कमरे में घुसा और रुपये से भरा बैग उठाकर छत की ओर भाग गया। जोगेंद्र प्रगति नगर मुहल्ले में करीब एक साल से मकान बनाकर रह रहे थे और वह सब्जी बेचते थे।

  

जोगेंद्र के मकान के आसपास खाली प्लाट हैं। घर के बाएं तरफ उनके साले धर्मेंद्र का मकान बन रहा है। धमेंद्र पीलीभीत कोतवाली में मुख्य आरक्षी हैं। जोगेंद्र की पत्नी अनीता ने बताया कि बड़ी बेटी नीलम हाईस्कूल की परीक्षा देने के लिए सोमवार को गांव गई हुई थी।
छत से आसानी से कोई घर में घुस सकता है, ठेकेदार पर आरोप

जोगेंद्र के घर में कोई भी आसानी से घुस सकता है, क्योंकि उनके साले के निर्माणाधीन घर में सीढ़ियां बन चुकी हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं सीढ़ियों से बदमाश उनके घर में घुसे। जोगेंद्र की छत पर सीढ़ियों पर कोई दरवाजा नहीं लगा है।

  

सीमेंट समेत अन्य निर्माण सामग्री जोगेंद्र के घर में रखी जाती है। ठेकेदार और मजदूरों का जोगेंद्र के घर आना-जाना था। अनीता वारदात में ठेकेदार का हाथ होने का आरोप लगा रही हैं। पुलिस ने ठेकेदार और मजदूरों से पूछताछ की है।
बैग ले जाने को लेकर संदेह

अनीता के मुताबिक बदमाश घर के कमरे में रखे उसी बैग को लेकर गए हैं, जिसमें रुपये थे। पैसे उनके भाई धर्मेंद्र ने मकान के निर्माण कार्य के लिए रखे थे। इसके अलावा जोगेंद्र को पैसों की जानकारी थी। ऐसे में जो भी बैग लेकर गया है, उसे पता था कि बैग में रुपये हैं और उसे कहां रखा गया है।
पत्नी और बेटे के बयान अलग-अलग

पत्नी अनीता और बड़े बेटे 14 वर्षीय अरुण के बयान अलग-अलग हैं। अनीता ने बताया कि जोगेंद्र को गोली मारने के बाद बदमाश नीचे कमरे में आकर रुपये से भरा बैग लेकर भाग गए। बच्चे शोर सुनकर बाहर आए।

  

वहीं अरुण ने बताया कि उसने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। चीख-पुकार सुनकर उसकी नींद खुली। उसे लगा कि मम्मी-पापा में झगड़ा हो रहा है। वह दरवाजा खोलकर बाहर आया तब अंधेरा था। उसे नहीं पता कब बदमाश बैग लेकर गया। उसने कहा कि उसने एक बदमाश को छत से झांकते हुए देखा, जिसने आधा मुंह ढक रखा था।
पिता की तस्वीर को चूमकर रोई नीलम, नहीं दे पाई परीक्षा

पिता की मौत की जानकारी होते ही बेटी नीलम गांव से आ गई। शनिवार को उसकी हाईस्कूल की गृह विज्ञान की परीक्षा था, जो छूट गई। वह रोते-राते कांप रही थी और सभी से कह रही थी कि कोई उसे उसके पापा के पास लेकर चले। मामा धर्मेंद्र से लिपटकर रोने लगी।

  

पिता का फोटो देखते ही उसे बार-बार चूमकर दहाड़े मारने लगी। उसकी ऐसी हालत देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भर आईं। जोगेंद्र का बेटा और अन्य दो छोटे बच्चे अलग गुमसुम बैठे थे।

  

यह भी पढ़ें- छत पर आहट सुनकर गए युवक की गोली मारकर हत्या, बरेली में बदमाशाें ने दिया हत्याकांड को अंजाम
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
474821