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SOAR का होगा विस्तार, शुरू होंगे AI के 50 नए कोर्स; कर सकेंगे ऑनलाइन पढ़ाई

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कक्षा छह से ऊपर के छात्रों के साथ ही ट्रेनर और आमजन कर सकेंगे ऑनलाइन पढ़ाई (फाइल फोटो)



जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव को भांपकर भारत ने इस दिशा में तैयारी तेज कर दी थी, लेकिन अब एआइ इम्पैक्ट समिट के बाद तमाम मंत्रालय अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों में नई तकनीक को प्रोत्साहन देने की रूपरेखा बना रहे हैं।

चूंकि, खास तौर युवाओं को कुशल बनाने में मुख्य भूमिका कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की है, इसलिए विशेषकर स्कूली छात्रों को एआइ की आरंभिक जानकारी देने के लिए शुरू किए गए स्किलिंग फार एआइ रेडीनेस (एसओएआर) कार्यक्रम को विस्तार देते हुए अब 50 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।

यह पाठ्यक्रम हेल्थकेयर से लेकर ब्यूटीकेयर, फैशन से लेकर फर्नीचर बनाने से संबंधित होंगे। एआइ इम्पैक्ट समिट के बाद सरकार इस दिशा में एक तरह से मिशन मोड पर काम करने की इच्छा दिखा रही है तो कौशल विकास मंत्रालय ने तय किया है कि एसओएआर को विस्तार दिया जाएगा।
तैयारी पहले से ही शुरू

सूत्रों ने बताया कि इसकी तैयारी पहले से शुरू कर दी गई थी, इसलिए नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन काउंसिल द्वारा 50 नए पाठ्यक्रमों को अनुमोदित कर दिया है। इनमें से 27 कोर्स स्किल इंडिया डिजिटल हब पोर्टल पर लाइव कर भी दिए गए हैं। जल्द ही सभी कोर्स की औपचारिक लांचिंग की जाएगी।

इन पाठ्यक्रमों को छात्रों के साथ ही असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी या कोई भी इच्छुक व्यक्ति कर सकेगा। एसओएआर के पहले चरण के तहत माइक्रोसाफ्ट, एचसीएल टेक और नैसकाम द्वारा पहले से ही कई पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने में भारत काफी पिछड़ा रहा।

कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय लगभग एक दशक से इस आंकड़े को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इसी बीच एआइ एक नई चुनौती के रूप में तेजी से उभरकर सामने आ गया। पेशेवर या उच्च शिक्षा के छात्र तो एआइ की शिक्षा लेने लगे, लेकिन सरकार ने आवश्यक समझा कि जिस तरह से अन्य व्यावसायिक कौशल को स्कूली स्तर से देने पर विशेषज्ञों का जोर है, उसी तरह की तैयारी एआइ के क्षेत्र में भी की जाए।

इसे देखते हुए ही मंत्रालय ने जुलाई 2025 में एसओएआर कार्यक्रम शुरू किया। इसका उद्देश्य कक्षा छह से 12 तक के स्कूली छात्रों के अलावा उन्हें पढ़ाने के लिए ट्रेनर्स भी इस कार्यक्रम के तहत अपनी इच्छानुसार एआइ की बुनियादी जानकारी के लिए एआइ का कोर्स करें।

यह कार्स मंत्रालय के पोर्टल स्किल इंडिया डिजिटल हब पर उपलब्ध कराए गए। इस कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने के लिए ही कौशल विकास मंत्री जयन्त चौधरी समेत पक्ष-विपक्ष के अनेक सांसदों ने भी बुनियादी एआइ पाठ्यक्रम किए।
इस तरह के होंगे पाठ्यक्रम

एआइ आगमेंटेड डिजिटल मार्केटर, एआइ असिस्टेड सिक्योरिटी एनालिस्ट, इंट्रोडक्शन टू वाइब कोडिंग, एआइ फाउंडेशन फार डिजिटल हेल्थ, एआइ बेस्ड स्किन एनालिसिस, एआइ वर्चुअल ब्यूटी ट्राइ-आन, एआइ सपोर्टेड लेजर सर्विसेज, एआइ फार वुमन, एआइ फार लाजिस्टिक्स, एआइ फार फैशन, अनलाकिंग एआइ फार एवरीवन, एआइ बेसिक्स फार फर्नीचर मेकर्स, युवा एआइ फार आल, फंडामेंटल आफ एआइ इन रिटेल आदि।

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