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संवाद सहयोगी, चौबेपुर(कानपुर)। कल्यानपुर-शिवली मार्ग पर शुक्रवार की रात अनियंत्रित ईकों कार के तालाब में गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत होने की घटना से स्वजन स्तब्ध है। हादसे में मरने वाली राखी उर्फ हिमांशी की ससुराल क्षेत्र के राधन गांव में थी। शनिवार की शाम को हिमांशी और उसके मासूम बेटे का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। दोनों का गांव के ही गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
मूल रूप से शिवराजपुर के सकरवां निवासी राजकिशोर अग्निहोत्री आवास विकास कल्यानपुर काफी वर्षों से रह रहे है। राजकिशोर अग्निहोत्री शुक्रवार को पत्नी और परिवार के साथ सास की त्रयोदशी संस्कार में शामिल होकर औरेया से ईको कार द्वारा वापस लौट रहे थे। शिवली के बैरी सवाई गांव के पास अनियंत्रित हुई ईको कार सड़क के किनारे तालाब में गिर गई। हादसे में राजकिशोर उनकी पत्नी स्नेहलता, बेटी राखी उर्फ हिमांशी व दो वर्षीय नाती शिव की मौत हो गई थी। शनिवार को विधिक प्रक्रिया के बाद हिमांशी व उसके दो साल के मासूम बेटे शिव का शव राधन गांव पहुंचते ही ससुराल वालों में कोहराम मच गया। हादसे में हिमांशी की तीन वर्षीय बेटी वानी बची है। पति अंकुर अग्निहोत्री पत्नी हिमांशी और मासूम बेटे की मौत से गमगीन थे। शाम को परिवार के लोगों ने राधन घाट पर मां और बेटे का अंतिम संस्कार किया।
राखी के पति हुए बेसुध
राखी के पति अंकुर गुजरात में प्राइवेट नौकरी करते थे। वह शनिवार दोपहर यहां पहुंचे। पत्नी व बेटे का शव देख बेसुध हो गए, किसी तरह से स्वजन ने उनको संभाला। बताया कि एक दिन पहले ही फोन पर पत्नी व बच्चों से बात हुई थी लेकिन क्या पता था कि ऐसा हो जाएगा।
इधर, माता पिता के शव देख बिलख पड़ी बेटी, बोली सब लुट गया
मेरा सब कुछ लुट गया,मम्मी पापा एक साथ छोड़कर चले गए, मेरे हाथ पीले कौन करेगा, भाई का क्या होगा..शिवली हादसे में जान गवाने वाले बुजुर्ग दंपती के शव देख फफकते हुए छोटी बेटी दीक्षा उर्फ कृतिका ने कही। चीत्कार और रोने बिखलते स्वजन की आंखों से गिरते आंसू देखकर लोगों की आंखे भी नम हो गई। हर मौजूद व्यक्ति दुख के इस मंजर को देख कर सिहर गया। पड़ोसी दीक्षा और छोटे भाई को ढांढस बढ़ाते रहे। करीब आधे घंटे बाद दंपती की एक साथ अर्थी उठी तो सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। |
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