अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक्शन में ट्रंप टैरिफ पॉलिसी को बचाने के लिए ला सकते हैं बिल (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को अवैध करार दे दिया है। इसके बाद वॉशिंगटन की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। रिपब्लिकन पार्टी अब इस फैसले के बाद आगे की रणनीति पर विचार कर रही है।
इस बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के स्पीकर माइक जॉनसन ने संतुलित बयान दिया है। उन्होंने कोर्ट के फैसले की सीधी आलोचना नहीं की, लेकिन ट्रंप की नीति का समर्थन जरूर किया।
जॉनसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका को करोड़ों डॉलर का फायदा हुआ है। उनके मुताबिक, इससे अमेरिका की व्यापारिक स्थिति मजबूत हुई और बेहतर सौदे करने में मदद मिली।
ट्रंप की \“अमेरिका फर्स्ट\“ नीति का बचाव
स्पीकर जॉनसन ने कहा कि ट्रंप की \“अमेरिका फर्स्ट\“ नीति के तहत लगाए गए टैरिफ ने उन देशों के साथ संतुलित व्यापार समझौते करने में मदद की, जो लंबे समय से अमेरिकी श्रमिकों का फायदा उठा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि इन टैरिफ की वजह से अमेरिका वैश्विक व्यापार में ज्यादा मजबूत स्थिति में आया। हालांकि, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देने से परहेज किया।
जॉनसन ने संकेत दिया कि अब कांग्रेस और प्रशासन मिलकर आने वाले हफ्तों में आगे का रास्ता तय करेंगे। उन्होंने इशारा किया कि रिपब्लिकन पार्टी इस नीति को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए संसद में नया कानून ला सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद की नीति?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने 1977 के कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को कुछ आर्थिक अधिकार सिर्फ राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में मिलते हैं। कोर्ट का कहना है कि टैरिफ लगाने या हटाने का अधिकार सिर्फ अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के पास है।
फैसले के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या रिपब्लिकन पार्टी संसद में नया बिल लाकर ट्रंप की टैरिफ नीति को कानूनी आधार देने की कोशिश करेगी। आने वाले हफ्तों में इस पर स्थिति साफ हो सकती है।
\“स्थिति पर हमारी नजर...\“, ट्रंप टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद क्या बोला भारत? |
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