श्रवण दास और उसके गुरू मौनी बाबा। फाइल फोटो
संवाद सहयोगी, दरभंगा। किशोरी से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार कथावाचक श्रवण दास के गुरु को न्यायालय से राहत नहीं मिली। जमानत के लिए पचाढ़ी मठ के महंत रामउदित दास उर्फ मौनी बाबा को न्यायालय में सरेंडर करना होगा।
पाक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत में शुक्रवार को दो पाली में महंत रामउदित दास उर्फ मौनी बाबा की अग्रिम जमानत पर गहन सुनवाई हुई। इसके बाद आवेदक की याचिका को निष्पादित करते हुए विशेष न्यायाधीश परिहार की कोर्ट ने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।
ऐसे में आरोपित की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। 16 फरवरी को याचिका पर अदालत में आंशिक सुनवाई हुई थी। इसके बाद सघन सुनवाई के लिए अदालत ने इसे 20 फरवरी के लिए सुरक्षित रखा था। ऐसे में जमानत मिलने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहां हुआ।
उधर, पुलिस आरोपित की खोज में लगातार छापेमारी कर रही है। बता दें कि मामले को लेकर महिला थाने में बीएनएस की धारा 351(2)352,89,64 (1) तथा पॉस्को एक्ट की धारा 4/6 के तहत दर्ज है।
प्राथमिकी में आरोप है कि कथावाचक श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर ने किशोरी से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। मामला बढ़ने पर उसके गुरु मौनी बाबा ने बंद कमरे में शादी करा दी।
बाद में मामले को रुपये देकर रफा-दफा करने की कोशिश की गई। मामले में गिरफ्तार कथावाचक के गुरु रिश्ते में चाचा भी लगते हैं। कथावाचक 17 जनवरी से जेल में है। जिसका जमानत याचिका पांच फरवरी को खारिज कर दी गई थी।
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