जागरण संवाददाता, कानपुर। लैंबार्गिनी कार रिलीज पर अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को एसीजेएम 7 की कोर्ट में होनी थी। पुलिस को कोर्ट में कार की तकनीकी परीक्षण रिपोर्ट दाखिल करनी थी। एसीजेएम 7 की कोर्ट से यह मामला सीजेएम कोर्ट में स्थानातंतिरत कर दिया गया है। शिवम मिश्रा के अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सीजेएम 7 की कोर्ट से यह मामला सीजेएम कोर्ट स्थानातंरित कर दिया गया है। अब वहीं सुनवाई होगी। अभी सुनवाई की तिथि नहीं मिली है।
आठ फरवरी से अब तक क्या-क्या हुआ
- भैरोघाट चौराहे पर रविवार दोपहर दिल्ली के वसंत विहार व कानपुर के आर्यनगर निवासी बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक कृष्ण कुमार मिश्रा (केके मिश्रा) के बेटे शिवम की लैंबार्गिनी कार आटो और एक बुलेट में टक्कर मारते हुए बिजली के खंभे से टकराई थी। इसमें तीन लोग घायल हुए थे।
- पुलिस कार को जब थाने ले गई तो वहां कारोबारी बेटे के बाउंसर और परिचित लोग पीड़ितों से अभद्रता कर हंगामा करने लगे। एक पीड़ित ने कार सवार के खिलाफ तहरीर दी है।
- मामला रसूखदार कारोबारी से जुड़ा होने से पुलिस ने उसकी कार सुरक्षित थाने में खड़ी कराई। उस पर कवर भी डलवाया गया।
- थाने में आरोपित की कार को कवर करने में पुलिस की छवि खराब होने को लेकर पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी संजय गौड़ को लाइन हाजिर किया है।
- घायल की तहरीर पर कार नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी हालांकि बाद में कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा का नाम मुकदमे में शामिल कर दिया गया है।
- मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपित शिवम के घर आर्यनगर पहुंची। पुलिस काफी देर तक दरवाजा खटखटाती रही, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद पुलिस खाली हाथ लौट आई।
- लैंबार्गिनी कार से हुए हादसे के बाद मंगलवार को दिल्ली पुलिस भी आगे आई। स्वजन का दावा था कि शिवम मिश्रा दिल्ली के अस्पताल में भर्ती है। इस पर दिल्ली पुलिस ने कई निजी अस्पतालों में जांच, लेकिन शिवम का कुछ पता नहीं चला।
- लैंबार्गिनी कार हादसे को लेकर मुख्यंमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से बात की। पुलिस आयुक्त के अनुसार मुख्यमंत्री कहा है कि जो भी दोषी हैं, उन्हें कानून के हिसाब से सख्त से सख्त सजा दिलाने का काम किया जाए। पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करे।
- बेटे शिवम मिश्रा का नाम मुकदमे में जुड़ने के बाद तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा मंगलवार को वकील के साथ ग्वालटोली थाने पहुंचे। दावा किया कि कार बेटा नहीं, ड्राइवर मोहन चला रहा था। बताया कि हादसे में शिवम को चोटें आई थीं और वह बेहोश हैं। वह दिल्ली में भर्ती हैं।
- पुलिस आयुक्त ने कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर दोहराया कि कार शिवम ही चला रहे थे।
- एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें दूसरी कार से उतरे बाउंसरों ने दौड़कर ड्राइविंग सीट से शिवम को नीचे उतारा था।
- एसीजेएम-7 की कोर्ट में लैंबार्गिनी कार से एक व्यक्ति के घायल होने के मामले में दो प्रार्थनापत्र दिए गए हैं। चालक ने न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने और कार मालिक ने कार रिलीज (निर्मुक्त) करने की अर्जी दी है। कोर्ट ने दोनों प्रार्थनापत्रों पर पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।
- लैंबार्गिनी मामले में चालक का आत्मसमर्पण प्रार्थना पत्र खारिज, घायल बोला-समझौता हो गया
- एसीजेएम सात अमित सिंह की कोर्ट ने तंबाकू कारोबारी के बेटे की लैंबार्गिनी कार से हुए हादसे में चालक मोहन एम का आत्मसमर्पण प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया। कार रिलीज (निर्मुक्त) के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट ने कहा है कि मालिक विवेचक को कार के कागजात मुहैया कराए और पुलिस तकनीकी मुआयना रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे।
- हादसे में गिरफ्तार शिवम मिश्रा को पकड़ा गया। उसे छह घंटे कठघरे में रहना पड़ा। शिवम को गिरफ्तार कर पुलिस सुबह 10 बजे कोर्ट ले आई थी। उसके हाथ में वीगो लगा था।
- एसीजेएम 7 अमित सिंह की कोर्ट ने कहा कि पुलिस गलत तरीके से उसे गिरफ्तार कर अदालत लाई है। विवेचक से नाराजगी जताई। पुलिस का न्यायिक कस्टडी रिमांड देने का प्रार्थनापत्र खारिज करते हुए उसे 20 हजार के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
- पुलिस तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम के खिलाफ चार्जशीट लगाने की तैयारी में जुटी है। इसके लिए पुलिस इलाकाई लोगों के बनाए वीडियो, घटनास्थल के आसपास के सीसी फुटेज, घटना से जुड़े साक्ष्य और लैंबोर्गिनी की तकनीकी परीक्षण रिपोर्ट तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह तक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
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