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मुर्गा मतलब पिस्टल, दाना मतलब कारतूस: बरेली उपद्रव के पीछे का वो खौफनाक कोडवर्ड, जिसे सुन पुलिस भी चकरा गई

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बरेली उपद्रव का फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, बरेली। 26 सितंबर को शहर में हुए उपद्रव में असलाह सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद तमाम राज खुलकर सामने आए। गिरोह के दो सदस्यों की मुर्गा और दाना कोडवर्ड में बातचीत होती थी। पुलिस ने जब इस कोडवर्ड को डिकोड किया तो पता चला कि मुर्गा मतलब तमंचा और दाना मतलब कारतूस होता था।

इसी कोडवर्ड में सप्लायर आपस में एक-दूसरे से बात करते थे। अभी इस गिरोह में और कितने सदस्य हैं सभी की जांच जारी है। उधर, गिरोह का मुख्य सरगना मौलाना तौकीर के करीबी फरहत का भाई इशरत अली गिरोह के दो सदस्यों सोमू और तस्लीम की गिरफ्तारी के बाद फरार हो गया है। पुलिस ने जब सरगना इशरत के फोन का डाटा निकाला तो और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

मौलाना का करीबी फरहत और असलाह सप्लायर भाई इशरत 19 सितंबर से लेकर 26 सितंबर तक लगातार संपर्क में थे। उपद्रव शुरू होने के कुछ समय बाद तक दोनों की बातचीत हुई थी। पुलिस ने जब सोमू, तस्लीम और सरगना इशरत के मोबाइल की सीडीआर निकाली तो कई अन्य लोगों के भी नाम सामने आए।

पुलिस फोन से भी कुछ डाटा मिला है जिससे यह स्पष्ट हो गया कि, सप्लायरों की आपस में असलाह सप्लाई करने को लेकर कोडवर्ड में बातचीत होती थी। यह कोडवर्ड इसलिए रखा गया क्योंकि, समाज को दिखाने के लिए इशरत और सोमू मुर्गा लड़ाने काम करते हैं। दो साल पहले मुर्गा लड़ाने के दौरान ही दोनों की मुलाकात हुई थी तभी से दोनों आपस में काम करने लगे।

पुलिस के मुताबिक, इशरत के सीडीआर से स्पष्ट हुआ कि उपद्रव शुरू होने के कुछ समय बाद ही इशरत की बात अपने भाई फरहत से हुई थी। उपद्रव का समय करीब 2:40 के आस-पास था जबकि, इशरत और फरहत की बातचीत उस दिन 2:54 बजे हुई थी। इसके बाद भी पुलिस पर फायरिंग शुरू हो गई थी।

पुलिस का कहना हैं कि अभी इस गिरोह में और भी कई लोगों के नाम सामने आए हैं जो इस गोरखधंधे में शामिल थे। फिलहाल उनकी टीम गिरोह के सरगना इशरत की तलाश में जुटी है। साथ ही पुलिस इस बात की जानकारी जुटाने में भी लगी है कि, आखिर उत्तराखंड के अलावा यह गिरोह हथियारों की सप्लाई कहां-कहां करता था।
दो लोग आए थे हथियारों की सप्लाई लेने

पुलिस की पूछताछ में यह भी स्पष्ट हो गया कि उपद्रव में असलाह की सप्लाई लेने के लिए दो लोगों को भेजा गया था। वह दोनों कौन थे इस बात को केवल दो ही लोग जानते हैं पहला इशरत जिसने वीडियो काल पर सही आदमी होने की पुष्टि की थी और दूसरा फरहत जिसने असलाह लेने के लिए आरोपितों को भेजा था। पुलिस का कहना हैं कि इशरत के गिरफ्तार होते ही और भी तमाम लिंक खुलकर सामने आएंगे।
दरऊ के प्रधान पति की तलाश में दबिश

बरेली पुलिस उत्तराखंड में दरऊ के प्रधान पति गफ्फार की तलाश में जुटी है। बरेली की एक टीम ने उसके यहां दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। बरेली पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से भी आरोपित की गिरफ्तारी में सहयोग मांगा है।
किसान संगठन की आड़ में तस्करी कर रहा था सोमू

असलाह की सप्लाई करने वाला सोमू खान एक किसान संगठन की आड़ में असलाह सप्लाई करने का काम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसकी कार पर किसान संगठन का बैनर लगातार रौब झाड़ता था। साथ ही किसान संगठन के कई फ्लेक्स बोर्ड पर सोमू खान का फोटो भी लगा हुआ है वह टोल प्लाजा पर भी कई बार झगड़ा कर चुका था।

  

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