मूंढापांडे पुलिस द्वारा हत्यारोपित आकाश को गिरफ्तार करके मेडिकल के लिए ले जाते पुलिसकर्मी।जागरण
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मूंढापांडे क्षेत्र में फर्मकर्मी सुमित की उसके ही दोस्त आकाश ने पेपर कटर से गला रेतकर हत्या की थी। बाइक से घर जाते समय दोनों दोस्तों में गाली गलौज के बाद विवाद हुआ था। मृतक द्वारा बार-बार गाली देने पर गुस्से में आए आरोपित ने हत्याकांड को अंजाम दिया। गुरुवार को पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। वह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का मीडिया प्रभारी भी है।
गांव गणेशघाट निवासी सुमित उर्फ भूरा मुरादाबाद के काशीपुर रोड स्थित एक एक्सपोर्ट फर्म में काम करता था। दस जनवरी को सुबह करीब साढ़े नौ बजे सुमित घर से काम के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा। 11 जनवरी सुबह राहगीरों ने उसका शव हाईवे किनारे पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी थी।
पत्नी शालिनी उर्फ प्रियंका के शिकायती पत्र पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। पत्नी और अन्य स्वजन ने किसी भी प्रकार की रंजिश से इन्कार किया था। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस फुटेज खंगालते हुए मुरादाबाद की हनुमान मूर्ति तक पहुंच गई।
हनुमान मूर्ति के पास एक फुटेज मिली जिसमें सुमित एक बाइक पर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने बाइक का पता निकाला तो वह मूंढापांडे निवासी आकाश की थी। जो सुमित का दोस्त था। पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी। उसने पहले तो पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन बाद में उसने सच्चाई उगल दी।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपित ने बताया कि 10 फरवरी की शाम करीब सात बजे वह हनुमान मूर्ति तिराहे के पास से गुजर रहा था तो सुमित ने उसकी बाइक रुकवा ली थी। सुमित मूंढापांडे जाने के लिए उसकी बाइक पर बैठ गया था। रास्ते में नशे की हालत में होने के कारण सुमित कई बार बाइक से गिरने से बचा। एक बार बाइक ट्रक के नीचे आने से बची थी।
सुमित को हिलने से मना किया तो वह जबरन बाइक हिलाने लगा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी। सुमित ने उसके साथ गाली गलौज शुरू कर दी थी। गुस्से में आकर बाइक निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के पास रोक ली और पेपर कटर से सुमित पर हमला कर दिया था। हत्या करने के बाद आरोपित मौके से भाग गया था। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर पेपर कटर और सुमित का मोबाइल बरामद कर लिया है।
शव मिलने के बाद मृतक के परिवार के साथ रहा आरोपित
आरोपित आकाश सुमित का दोस्त था। ऐसे में मृतक के स्वजन भी उसे अच्छी तरह पहचानते थे। अक्सर आकाश सुमित के घर भी जाता था। ऐसे में जब 11 जनवरी को सुमित का शव मिल तो आरोपित भी मौके पर पहुंच गया। कई बार मृतक के स्वजन के साथ थाने तक पहुंचा।
तीसरी बार में मिला आरोपित के खिलाफ साक्ष्य
पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में मृतक आरोपित की बाइक पर जाता हुआ दिखाई दिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया, लेकिन पुलिस को उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला तो उसे छोड़ दिया गया। दोबारा फिर से आरोपित को हिरासत में लिया, लेकिन फिर भी उसने पुलिस को गुमराह कर दिया, लेकिन तीसरी बार हिरासत में लेने से पहले पुलिस ने उसके खिलाफ साक्ष्य एकत्र कर लिए।
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