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हल्द्वानी कोर्ट में सुरक्षा में सेंध: बम धमकी के बावजूद लचर इंतजाम, पुलिस चौकी लापता

deltin33 4 hour(s) ago views 357
  

हल्द्वानी जजी के मुख्य गेट पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नजर नहीं आया। जागरण  



चयन राजपूत, हल्द्वानी। नैनीताल जिला न्यायालय को तीन बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। उसके बावजूद जिला पुलिस सतर्क नहीं है। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर अधिवक्ता सवाल उठाने लग गए हैं।

हल्द्वानी सिविल एवं दंड न्यायालय के मुख्य गेट में ही मेटल डिटेक्टर मशीन नहीं लगाई गई है। साथ ही पुलिस बल भी तैनात नहीं होता, धमकी भरे मेल के बाद कोर्ट परिसर के अंदर कौन आ जा रहा किसी को पता नहीं है।

नैनीताल के बाद गुरुवार को दैनिक जागरण की टीम ने हल्द्वानी के सिविल एवं दंड न्यायालय के सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की। इसमें देखने को मिला की सिर्फ एक मेटल डिटेक्टर मशीन कोर्ट परिसर के अंदर न्याय भवन के द्वार पर लगी है, जबकि भवन के पीछे के दो दरवाजों में सुरक्षा इंतजाम फेल हैं।

मेटल डिटेक्टर मशीन तो छोड़िए पीछे के दो दरवाजों में पुलिस बल भी तैनात नहीं है। आसानी से कोई भी संदिग्ध पीछे के दरवाजों से कोर्ट के अंदर घुस सकता है। आइजी रिद्धिम अग्रवाल ने कुमाऊं के सभी कोर्ट में डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर मशीन लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन उसके बावजूद सिर्फ काम चलाऊ सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

वर्ष 2021 में जिला जज के आवास में चोरी होने व कोर्ट के अंदर अलमारियों में चोरी की वारदात के बाद परिसर में पुलिस चौकी खोलने की बात कही गई। चौकी में बकायदा इंचार्ज को बैठाया गया था, लेकिन वर्तमान में चौकी कहां हैं इसका अंदाजा सुबह शाम कोर्ट में कार्य करने वाले अधिवक्ताओं को तक नहीं है। सिर्फ एक पुलिस गार्ड रूम है, जो खंडहर में तब्दील हो गया है, जिसके अंदर कोई नहीं है।
अधिवक्ता बोले कोर्ट परिसर में घूमते रहते हैं संदिग्ध


सिविल कोर्ट के मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर मशीन लगानी चाहिए। न्याय भवन द्वार के बाहर तो मेटल डिटेक्टर मशीन लगाई गई है। लेकिन पीछे के दो रास्तों में कोई सुरक्षा नहीं है। कोर्ट परिसर में कोई भी संदिग्ध घूमता रहता है। - किशोर कुमार पंत, अध्यक्ष, हल्द्वानी बार एसोसिएशन।

कोर्ट परिसर में सिर्फ अधिवक्ता व जिनके वाद चल रहे हैं उनको होना चाहिए। लेकिन परिसर में कौन घूम रहा है, इसकी सुरक्षा के लिए कोर्ट के मुख्य गेट पर भी पुलिस तैनात रहनी चाहिए। ताकि संदिग्धों से पूछताछ हो सके। - मो. अबरार, वरिष्ठ अधिवक्ता।

कोर्ट परिसर में लोग निजी वाहन भी खड़े कर देते हैं। ऐसे में कोर्ट के अंदर कौन घुस रहा है, किसी का पता नहीं है। गेट के बाहर भी पुलिस बल तैनात किया जाना चाहिए। ताकि कोर्ट परिसर में अधिवक्ता व जज अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें। - मुजाहिद हुसैन सैफी, अधिवक्ता।

कोर्ट परिसर में कपड़े, परफ्यूम व जूते पालिस करने वाले घूमते रहते हैं। क्या पता यह संदिग्ध रेकी कर रहे हों। अधिवक्ताओं से मिलने आने वाले क्लाइंट के वाहन कोर्ट परिसर के बाहर खड़े रहने चाहिए। - हिमानी सनवाल, अधिवक्ता।


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