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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। अब लाचार बाबुल भी अपनी बेटी को खाली हाथ बिदा नहीं करेगा। बिहार सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गरीब और कम आय वाले परिवारों की बेटियों की शादी पर पांच हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पूर्णिया जिले में 200 गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक अमरेश कुमार ने बताया कि योजना का उद्देश्य कम आय वाले परिवारों की कन्या को शादी के समय आर्थिक सहायता देना है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना की जानकारी दी गई है और अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया है।
योजना के अंतर्गत लाभार्थी कन्या को सीधे डीबीटी के माध्यम से पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इस अनुदान के लिए कुछ शर्तें हैं: वधू की उम्र कम से कम 18 वर्ष और वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए, विवाह विधिवत पंजीकृत होना चाहिए और दहेज न देने की घोषणा की जानी चाहिए। योजना वैध पुनर्विवाह के मामलों में भी लागू होती है। बीपीएल या 60 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों को यह अनुदान दिया जाएगा।
सहायक निदेशक अमरेश कुमार ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक कर उन्हें योजना के लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि लाभार्थियों के लिए शपथ पत्र बनवाने और आवेदन करने की प्रक्रिया सरल हो। शिविर में ही शपथ पत्र बनवाने की व्यवस्था करने से लाभार्थियों को नोटरी पब्लिक तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अमरेश कुमार ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों और पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने में विशेष रुचि लें। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और विवाह पंजीकरण में समयबद्ध सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और दहेज प्रथा पर नियंत्रण लाना है। योजना के माध्यम से परिवारों को शादी के समय वित्तीय सहायता मिलने से न केवल आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और लड़कियों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इस योजना से गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सामाजिक और आर्थिक सहारा मिलने के साथ-साथ समाज में लैंगिक समानता और जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। |
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