राज्य ब्यूरो, लखनऊ। छह वर्ष से राज्य में बिजली दरें नहीं बढ़ाने के विद्युत नियामक आयोग के निर्णयों के खिलाफ पावर कारपोरेशन व अन्य बिजली कंपनियों ने नई दिल्ली स्थित अपीलेट ट्रिब्यूनल में मुकदमा कर रखा है।
ट्रिब्यूनल में यदि बिजली कंपनियों को जीत मिली तो बिजली दरें बढ़ा दी जाएंगी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा गुरुवार को विधान सभा में छह साल से बिजली दरें नहीं बढ़ाने पर दिए गए वक्तव्य के हवाले से
उपभोक्ता परिषद ने सवाल खड़े किए हैं कि आयोग के निर्णयों के खिलाफ बिजली कंपनियों ने ट्रिब्यूनल मेें मुकदमे किसके इशारे पर किए हैं।
उल्लेखनीय है कि बिजली कंपनियों के सालाना खर्चे से संबंधित एआरआर के साथ ही नियामक आयोग हर साल बिजली दरें तय करता है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा है कि वर्ष 2025 -26 में औसतन 28 प्रतिशत बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव बिजली कंपनियों ने नियामक आयोग में दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान परिषद द्वारा तथ्यों के आधार पर किए गए विरोध के कारण दरें नहीं बढ़ीं। बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं की सरप्लस धनराशि निकलने पर बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। |
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