इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा) । सरकार ने अब कमर कस ली है कि हर पात्र किसान को PM-Kisan Samman Nidhi (पीएम-किसान सम्मान निधि) की अगली किस्त बिना किसी देरी के मिले। इसके लिए सरकार ने \“Farmer ID\“ (किसान पहचान पत्र) को अनिवार्य कर दिया है और अब प्रशासन का पूरा जोर इसकी रफ्तार बढ़ाने पर है।
निरीक्षण का असली मकसद कोई भी किसान न छूटे
गांव-गांव में सरकारी टीमों के दौरे और शिविरों का उद्देश्य किसी की जांच करना नहीं है। फार्मर आईडी की मौजूदा स्थिति का जायजा लेना है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पंजीकरण की रफ्तार क्या गांव के सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी बन गई है। अगर किसी किसान की आईडी अटकी हुई है, तो उसे तुरंत ठीक करना।
जल्द लक्ष्य प्राप्ति
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ ही समय में हर किसान के पास अपनी विशिष्ट आईडी हो, जिससे सीधे उनके बैंक खाते में लाभ भेजा जा सके। पीएम-किसान सम्मान निधि के लिए फार्मर आईडी संजीवनी है। अगर आप पीएम-किसान सम्मान निधि की किस्तों का इंतजार कर रहे हैं, तो फार्मर आईडी आपके लिए सबसे बड़ा दस्तावेज है।
जिन किसानों की फार्मर आईडी बन जाएगी, उनका डेटा सीधे पीएम-किसान पोर्टल से लिंक हो जाएगा। इससे ई-केवाईसी (ई केवाईसी ) और लैंड सीडिंग (Land Seeding) जैसी समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो सकेगा।
KCC लोन चुकाने के लिए अब 6 साल का बड़ा समय
किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए सरकार ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब KCC (Kisan Credit Card) का लोन चुकाने की अवधि को बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया है।
किसानों देरी न करें
अगर आपकी फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो तुरंत अपने क्षेत्रीय लेखपाल या कृषि सहायक से मिलें। कैंप का लाभ उठाएं: गांव में आने वाली सरकारी टीमों को अपनी जानकारी दें ताकि आपका नाम सम्मान निधि की अगली लिस्ट में पक्का हो सके।
आईडी कार्ड बनाने के कार्य में लापरवाही पर कर्मियों से स्पष्टीकरण
कुशेश्वरस्थान के गोठानी गांव में चल रहे किसान आईडी कार्ड बनाने के कार्य का बीडीओ ललन कुमार चौधरी ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में इस कार्य में प्रतिनियुक्त कर्मी कार्यपालक सहायक राकेश कुमार एवं सीएससी संचालक अनुराग कुमार के कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर बीडीओ ने कड़ी फटकार लगाते हुए काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि दोनों कर्मी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। निरीक्षण के मौके पर उपस्थित बीएओ अनुभव राज ने बताया कि अंचल में 14953 रैयतों के नाम से जमाबंदी कायम है। जिसमें 14 फरवरी तक 7490 रैयतों का किसान आईडी कार्ड बन गया है। |
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