पटना जिले के सात प्रखंडों में जुलाई से नए डिग्री कॉलेज शुरू
जागरण संवाददाता, पटना। पटना जिले के सात प्रखंडों में जल्द ही डिग्री कॉलेज की स्थापना की जाएगी। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बुधवार को ‘उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’ कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। सात निश्चय-3 के चौथे संकल्प के तहत उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। जिले के 23 प्रखंडों में से सात में अभी तक कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज नहीं है। सरकार ने इन प्रखंडों में कॉलेज खोलकर शिक्षा की असमानता दूर करने का निर्णय लिया है।
इन सात प्रखंडों में नहीं था कोई डिग्री कॉलेज
अथमलगोला, बेलछी, दनियावां, घोसवरी, खुसरूपुर, मनेर और संपतचक प्रखंड में अब तक डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं थी। इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के प्रखंडों में जाना पड़ता था। विशेषकर छात्राओं के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण थी।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रथम चरण में इन सात प्रखंडों का चयन किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जुलाई से इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कर दी जाए।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारियों, जिला शिक्षा पदाधिकारी और अंचल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। कॉलेज स्थापना के लिए भवन, भूमि और अन्य संसाधनों की उपलब्धता पर तेजी से काम करने को कहा गया है।
समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष बल दिया गया। प्रशासन चाहता है कि सत्र शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी हो जाएं। इस पहल को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश दिया गया है।
छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस
सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से छात्राओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ेगी। घर के पास कॉलेज होने से सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी। लंबी दूरी तय करने की समस्या समाप्त होगी।
परिवहन और आवास पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा। रोजगारोन्मुख और वोकेशनल शिक्षा से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। इससे सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
उच्च शिक्षा से जुड़ेगा भविष्य, बदलेगा जीवनस्तर
जिले के 23 में से फिलहाल 16 प्रखंडों में ही डिग्री कॉलेज की सुविधा उपलब्ध है। सात नए कॉलेज खुलने से सभी प्रखंडों में संतुलित शैक्षणिक व्यवस्था स्थापित होगी। छात्र-छात्राएं अपने क्षेत्र में ही स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
इससे रोजगार, करियर विकास और जीवनस्तर में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का नया माहौल बनेगा। सरकार की यह पहल ‘उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। |