गुरुग्राम में बुधवार को हुई दिनभर आसमान घने बादलों के बीच होती रही बूंदाबांदी। संजय गुलाटी
जागरण संवाददाता, सोहना। बुधवार की बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बारिश से उनकी फसलों को बहुत फायदा होगा। किसान इस बारिश को अपनी फसलों के लिए वरदान मान रहे हैं। कोहरे से सरसों पर लगे एफिड्स धुल जाएंगे। सरसों और गेहूं के फल बढ़ेंगे और सरसों के दाने मोटे हो जाएंगे।
सरसों की फसल में फली आ चुकी है और गेहूं में भी दाने आने लगे हैं। फरवरी में मौसम का बिगड़ना चिंता की बात है, क्योंकि किसानों की सरसों की फसल पक चुकी है और गेहूं में भी दाने आने लगे हैं। अगर बारिश के साथ ओले गिरे तो किसानों की फसल बर्बाद होने का खतरा है। इस मौसम में बारिश फसलों के लिए वरदान है, लेकिन ओले नुकसानदायक हैं।
फरवरी में बारिश फसलों के लिए वरदान जैसी है। आसमान से गिरने वाली बूंदें सीधे गेहूं के डंठलों पर पड़ती हैं, जिससे गेहूं की फसल की ग्रोथ तेजी से बढ़ती है। गेहूं का पौधा तेजी से बढ़ता है। बारिश से गेहूं और सरसों में लगने वाले छोटे कीड़े एफिड्स भी खत्म हो जाते हैं। खेती के लिए बहुत पानी की जरूरत होती है, जो बोरवेल से सिंचाई से मुमकिन नहीं है। बारिश का पानी सिर्फ सप्लाई किया जा सकता है, इसलिए बारिश जरूरी है। -सुरेश कुमार, किसान
बारिश का पानी खेतों से सूखापन दूर करता है। आसमान से फसलों पर गिरने वाली पानी की बूंदें फसल की ग्रोथ को बढ़ावा देती हैं। अनाज का साइज़ काफी बढ़ जाता है। बारिश फसल की ग्रोथ के लिए रामबाण है। सर्दियों के मौसम में कम से कम एक या दो बार बारिश होनी चाहिए। इस मौसम की फसलों के लिए बारिश बहुत ज़रूरी है। बारिश से उनके खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में फूल आ गए हैं।
-दीवान सैनी, किसान
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