search

बुढ़ापे का सहारा बनने भेजे थे शहर, बन गए अब मुसीबत; लॉरेंस गैंग के शूटर्स की असली कहानी

Chikheang 5 hour(s) ago views 518
  

फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर फायरिंग के मामले में पकड़े गए शूटर्स।  



जागरण संवाददाता, आगरा। सोशल मीडिया पर अपराध की चकाचौंध देखकर मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के घर की आर्थिक हालत खराब हैं।

शूटर दीपक जोशी की बीमार बहन और मां का खर्च उठाने वाला अब कोई नहीं है तो सोनू के बीमार पिता की दवा का खर्च उठाने वाला नहीं है। विष्णु, सनी के परिवार की आर्थिक स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है।

मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अब सभी के स्वजन कह रहे हैं कि उन्होंने तो बुढ़ापे का सहारा बनने के लिए बच्चों को शहर भेजा था, लेकिन अब वे उन्हीं के लिए मुसीबत बन गए हैं।  

दीपक जोशी को मुंबई पुलिस ने मुख्य शूटर बताया है। उसके छोटे से घर में उसकी मां विद्या देवी और बड़ी विवाहित बहन है। बीमारी के कारण अब वह मां के पास ही रहती है। विद्यादेवी ने बताया कि उनके पति की 10 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी।

  

पकड़े गए शूटर्स के बारे में बताते परिवार के लोग।

दो बेटों में से बड़ा बेटा शादी होने के बाद अलग रहने लगा। दीपक ही घर का खर्च उठाता था। वह नाबालिग था, तभी से काम कर रहा है। अभी वह दिल्ली में एक होटल में नौकरी करता था। उसे 22 हजार रुपये वेतन मिलता था, जिसमें से दस हजार रुपये वह घर भेजता था।

पार्टियों में वह चाट की स्टाॅल भी लगा लेता था। इसी के लिए वह कई बार गोवा और मुंबई भी गया था। एक माह से उसकी कोई काॅल नहीं आई थी, जिससे चिंता हो रही थी। साथ में रहने वाले लड़कों के घर वालों से भी बात की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।

अब पुलिस के पहुंचने के बाद ही जानकारी हो सकी। विष्णु के परिवार की स्थिति भी ठीक नहीं है। उसके पिता सूरजपाल कुशवाहा बेटे के बारे में पूछते ही रोने लगते हैं। उनका कहना है कि पिता रामकेश की 15 साल पहले हत्या के बाद उन्होंने मुश्किल से परिवार का खर्च उठाया।

अकेले खेती करके बच्चों का पालन-पोषण किया। विष्णु सेना में भर्ती होना चाहता था। वह स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुका था। मारपीट के मुकदमे में नामजद होने के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। ऐसे में बेटे को नौकरी के लिए कुछ दिन रितिक के पास भेजा था।

कुछ दिन बाद ही उसे वापस बुला लिया था। 31 जनवरी को तो वह घर पर ही था। जिम में नौकरी करने भी गया है। गांव के ही एक युवक ने उसके मोबाइल से काल करके उसे फंसा दिया। वह निर्दोष है।

रितिक के दादा रामप्रकाश ने भी कहा कि उनका पौत्र निर्दोष है। उसकी सगाई हो चुकी थी। 11 मार्च को शादी है। घर में शादी की तैयारी चल रही हैं। घटना करने वाले लड़के उसके पास पहुंच गए, इसके कारण वह फंस गया।

सोनू के पिता विनोद पुरवंशी कई वर्ष से बीमार हैं। सनी ही उनके घर का खर्च उठाता था। वह गांव के ही सनी जाटव के साथ मुंबई में सब्जी बेचने का काम करने के लिए गया था। मगर, वहां वह कैसे इसमें फंसा, उन्हें जानकारी नहीं है। एक माह से उनसे बात भी नहीं हुई थी।

अब कैसे केस की पैरवी करेंगे, वे तो कुछ नहीं जानते। सनी जाटव अपने परिवार के साथ दिल्ली में ही रहता था, इसलिए उसके परिवार का गांव में कोई नहीं मिला।

यह भी पढ़ें- चंबल के बीहड़ से सटे बिजौली के युवाओं पर लाॅरेंस बिश्नोई गैंग का जाल, रोजगार मिले तो बदलेगा हाल
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
164018