सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। बाराबंकी से व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर लाकर लखनऊ में कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक ने विकास नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। छापेमारी के दौरान आरोपितों के कब्जे से 52 भरे और चार खाली सिलेंडर, एक पिकप वाहन बरामद हुआ है। भीड़ का फायदा उठाकर आरोपित मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
पूर्ति निरीक्षक हसनगंज आरएन मिश्रा ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी को मंगलवार सुबह सूचना दी गई की कुर्सी रोड स्थित मोहम्मदी मस्जिद के बगल में सिलेंडर लदा एक पिकप वाहन खड़ा है। सूचना पर जांच टीम मौके पर पहुंची तो पिकप वाहन और जमीन पर रखे कई सिलेंडर मिले।
वाहन पर नीले और लाल रंग से पेंट कर उस पर एएनएस इंटरप्राइजेज, विकल्पखंड गोमती नगर और एचपी लिखा था। वाहन के पास तीन लोग खड़े थे। पूछने पर इनकी पहचान बाराबंकी के फतेहपुर निवासी रफीक, अलीगंज निवासी प्रकाश गौतम, सीतापुर के रामगढ़ निवासी अनीश के रूप में हुई। रफीक ने बताया कि वह देवा स्थित हर्रई में एएनएस गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर आता है और मस्जिद के बगल में बिक्री करता है। इन सिलेंडरों का कनेक्शन किसके पास है उसे यह भी नहीं पता। प्रकाश और अनीश उसकी इस काम में मदद करते हैं।
रफीक ने बताया कि एएनएस एजेंसी के मालिक लखनऊ के हुसैनाबाद निवासी अली खान हैं। आरोपित मौके पर सिलेंडर और उनके कनेक्शन से संबंधित कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा पाया। लोगों की भीड़ इकट्ठी हुई तो तीनों आरोपित चकमा देकर मौके से फरार हो गए। जांच टीम को आरोपितों के पास से अलग-अलग कंपनियों के कुल 56 सिलेंडर मिले हैं।
टीम ने सिलेंडर जानकीपुरम में सतेन्द्र कुमार की गैस एजेंसी में रखवाए हैं। साथ ही सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले पिकप को पुलिस को सौंप दिया। वर्तमान में यह पिकप इंदिरानगर सेक्टर सी निवासी जाहिद के नाम पर है। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर रफीक, प्रकाश, अनीश,अली खान और जाहिद के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त गाजीपुर अनिद्य विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही हैं।
आरटीओ से कराया था पिकप का ट्रांसफर
जांच में पता चला कि पिकप वाहन पहले मोहनलालगंज के लालुमर निवासी चंद्र प्रकाश के नाम पर था। 17 दिसंबर 2025 को इसे इंदिरानगर निवासी जाहिद के नाम ट्रांसफर किया गया था। इसी का इस्तेमाल कर सिलेंडर लाए जाते फिर इनकी कालाबाज़ारी होती थी।
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