प्रेस कॉन्फ्रेंस करती हुई पुलिस। फोटो जागरण
संवाद सूत्र, हजारीबाग। नशा कारोबार के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त छापेमारी अभियान में 14 तस्करों को गिरफ्तार किया है। अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर किया गया, जबकि इसकी मॉनिटरिंग एएसपी अमित कुमार कर रहे थे।
कटकमदाग, लोहसिंघना और इचाक थाना की पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर गिरोह का भंडाफोड़ किया।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का मुख्य सरगना चतरा जिला के गिद्धौर निवासी उदय कुमार उर्फ नवल दांगी, चतरा सदर थाना क्षेत्र के लोआगड़ा निवासी पवन राज वर्मा और उसके पिता त्रिभुवन दांगी हैं।
पिता-पुत्र मिलकर ब्राउन शुगर और गांजा की सप्लाई करते थे। पुत्र पवन राज वर्मा गिरफ्तार हो चुका है, जबकि पिता त्रिभुवन दांगी फरार है।
45 लाख का नशा, गाड़ियां व नकदी बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की 135.72 ग्राम ब्राउन शुगर और 30 लाख रुपये मूल्य का दो किलो गांजा समेत कुल 45 लाख रुपये की नशीली सामग्री बरामद की गई।
इसके अलावा 64,160 रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, तस्करी में प्रयुक्त एक सफारी, एक ब्रेजा, एक स्विफ्ट कार सहित तीन चारपहिया वाहन, नौ मोटरसाइकिल तथा माप-तौल के लिए दो मिनी वेटिंग मशीन जब्त की गई है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
एएसपी अमित कुमार ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क झारखंड से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। ब्राउन शुगर की आपूर्ति उत्तराखंड और यूपी तक की जाती थी। गिरोह में बड़ी संख्या में पैडलर शामिल हैं, जिनकी पहचान हो चुकी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
अभियान में पेलावल इंस्पेक्टर शाहीद राजा, कटकमदाग थाना प्रभारी प्रमोद कुमार राय, लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा, इचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार, पेलावल थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडेय, टेक्निकल सेल और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें- झारखंड में 77 होमगार्ड आश्रितों को अब भी नौकरी का इंतजार, ईद के बाद करेंगे राजभवन का घेराव
यह भी पढ़ें- झारखंड में डायन बिसाही के शक में मां-बेटे को पेट्रोल डालकर जलाया, वारदात के बाद 12 आरोपितों का थाने में सरेंडर |