हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर।
जागरण टीम, शिमला। भारतीय चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का एलान कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में एक सीट पर चुनाव होगा। 26 फरवरी को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। पांच मार्च तक नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। छह मार्च को नामांकन की छंटनी होगी। नौ मार्च तक कैडीडेट नाम वापस ले सकेंगे। 16 मार्च को वोट डाले जाएंगे, सुबह नौ से चार बजे तक मतदान होगा। इसी दिन शाम पांच मतगणना होगी। 20 मार्च से पहले पूरी प्रक्रिया को खत्म किया जाएगा।
2024 में हुई थी क्रॉस वोटिंग
हिमाचल प्रदेश में इंदु गोस्वामी का 9 अप्रैल को कार्यकाल खत्म होगा। 2024 की तरह इस बार भी कोई बड़ी राजनीतिक हलचल हो सकती है। वर्ष 2024 में राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव हुआ था और कांग्रेस विधायकों की ओर से क्रॉस वोटिंग करने से कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा की ओर से दिए गए प्रत्याशी हर्ष महाजन राज्यसभा का चुनाव जीत गए थे।
क्या इस बार भी होगा खेला
इस वर्ष भी प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट खाली हो रही है। चुनाव आयोग ने मतदान की तिथि घोषित कर दी है। क्या इस बार भी कोई खेला होगा, इसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
9 विधायकों की गई थी सदस्यता
क्राॅस वोटिंग के कारण छह विधायकों की सदस्यता चली गई थी। इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया था, उनकी भी सदस्यता रद हो गई थी। इसके बाद उपचुनाव हुए थे।
विधानसभा गणित रहेगा अहम
हिमाचल में राज्यसभा चुनाव का परिणाम पूरी तरह विधानसभा की संख्या बल पर निर्भर करेगा। वर्तमान में प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ दल का बहुमत है, ऐसे में मुकाबला औपचारिक रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी। कांग्रेस के 40 और भाजपा के 28 विधायक हैं।
कौन होगा उम्मीदवार, चर्चा तेज
हिमाचल की सीट पर किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा, इस पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। आने वाले दिनों में प्रमुख दल अपने प्रत्याशी घोषित कर सकते हैं, जिससे चुनावी तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।
यह भी पढ़ें: बिहार, हरियाणा-बंगाल समेत 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव का एलान, EC ने बताई तारीख |
|