दो अपचारी समेत चार की हो चुकी है गिरफ्तरी। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अरुण निषाद हत्याकांड की जांच में नया तथ्य सामने आया है। जेल भेजे गए आरोपितों से पूछताछ में सामने कि अवैध पिस्टल की ‘टेस्टिंग’ के दौरान गोली चली थी। आरोपित विशाल अपने साथियों के बीच पिस्टल दिखा रहा था। दो बार ट्रिगर दबाया गया, लेकिन गोली नहीं चली। तीसरी बार फायर हुई गोली अरुण निषाद के पेट में जा धंसी।
अरुण के पिता भोला निषाद की तहरीर पर चिलुआताल पुलिस ने रविवार को करीमनगर निवासी विशाल और देवेन्द्र को नामजद करते हुए चार अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने सोमवार को घटना में शामिल दो अपचारी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह भेजा गया, जबकि देवेन्द्र और बिट्टू निषाद को जेल भेज दिया गया। मुख्य आरोपित विशाल और उसका साथी सोनू यादव अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी तलाश में चार टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि विशाल इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय था और अक्सर रुपये लहराते व दबदबा दिखाने वाले वीडियो पोस्ट करता था। पुलिस अब उसके आनलाइन नेटवर्क और अवैध असलहा के स्रोत की भी जांच कर रही है। पुलिस की माने तो 19 फरवरी को विशाल की बहन की शादी है।
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संभावना है कि वह शादी में शामिल होने के लिए लौट सकता है। एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला अवैध असलहा के तस्करी से भी जुड़ा लग रहा है। सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। हथियार की बरामदगी और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। |