सांकेतिक तस्वीर।
राज्य ब्यूरो, देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश के शहरों में चल रहे पेयजल, सीवरेज और शहरी आधारभूत ढांचे के कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्यों ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर सड़कों को जगह-जगह खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे अधिकांश शहरों में धूल, कीचड़ और गड्ढों की समस्या बढ़ गई है।
इससे लोगों को रोजाना जाम, दुर्घटनाओं और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आर्य ने कहा कि कार्यस्थलों पर न तो सूचना बोर्ड लगाए गए हैं और न ही परियोजनाओं की समय-सीमा स्पष्ट की गई है। ठेकेदार कंपनियों की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की जा रही, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि बिना ठोस योजना, प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन के ये परियोजनाएं केवल कागजों में विकास दिखाने तक सीमित हैं।
उन्होंने नगर निकाय, ठेकेदार कंपनियों, स्थानीय प्रशासन, शहरी विकास विभाग और संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि सभी परियोजनाओं के वर्क आर्डर, लागत और समय-सीमा सार्वजनिक की जाए, प्रत्येक स्थल पर सूचना बोर्ड लगाए जाएं और कार्यों की तीसरी पार्टी से गुणवत्ता जांच कराई जाए।
साथ ही देरी पर ठेकेदारों पर कार्रवाई और दोषी अधिकारियों की निष्पक्ष जांच की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो जनहित में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
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