search

उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों में साहसिक पर्यटन से आएगी रौनक, थमेगा पलायन

Chikheang Yesterday 23:56 views 341
  

सांकेतिक तस्वीर।



केदार दत्त, देहरादून। चीन और नेपाल की सीमा से सटे उत्तराखंड के गांवों की तस्वीर बदलने जा रही है। इस कड़ी में नीती, माणा, जादूंग, हर्षिल, गुंजी जैसे सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों को साहसिक पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।

इससे जहां एक ओर सीमावर्ती गांवों से हो रहे पलायन को थामने में मदद मिलेगी, वहीं वर्षभर पर्यटन गतिविधियों के चलते वे जीवंत बनेंगे।

यानी, जो गांव शाम ढलते ही सन्नाटे की चादर ओढ़ लेते हैं, वहां अब पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, अल्ट्रा मैराथन जैसी गतिविधियों की गूंज सुनाई देगी। इस पहल का उद्देश्य इन गांवों को सामरिक व आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाना भी है।

केंद्र सरकार लगातार ही सीमावर्ती गांवों को जीवंत बनाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में केंद्र के महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में राज्य के 91 सीमावर्ती गांव सम्मिलित किए गए हैं।

चीन सीमा से लगे 51 गांवों में इन दिनों विभिन्न कार्य चल रहे हैं, जबकि नेपाल सीमा से सटे 40 गांवों के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसके साथ ही अन्य गांवों को सरसब्ज बनाने पर राज्य सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है।

सीमावर्ती गांवों को जीवंत बनाने के दृष्टिगत वहां पर्यटन गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। चूंकि, सीमावर्ती गांव उच्च शिखरीय क्षेत्र में स्थित हैं, ऐसे में वहां साहसिक पर्यटन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

इसके पीछे मंशा यही है कि सीमावर्ती गांव वर्षभर जीवंत बने रहें और वहां के निवासियों के लिए आजीविका के अवसर भी उपलब्ध हों।

इसी क्रम में पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन की सफलता के बाद अब चमोली जिले की नीती घाटी में 31 मई को एक्सट्रीम अल्ट्रा मैराथन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रस्तावित योजना में 75 किमी की अल्ट्रा मैराथन नीती घाटी में रिमखिम से नीती होकर मलारी तक होगी।
आबाद हो रहा जादूंग गांव

चमोली जिले में वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद खाली कराए गए जादूंग गांव को फिर से आबाद किया जा रहा है। वहां छह ग्रामीणों के घर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि आठ पर काम चल रहा है। शेष 13 ग्रामीणों के घरों पर अगले चरण में काम होना है। ये सभी घर होम स्टे के तौर पर काम करेंगे। चमोली जिले में ही माणा गांव मास्टर प्लान के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
गुंजी में विकसित हो रही शिवनगरी

पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती गांव गुंजी को शिवनगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इधर, चमोली जिले की नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव में 17 करोड़ रुपये की लागत से यात्री सुविधाएं विकसित हो रही हैं।
साहसिक पर्यटन की ये गतिविधियां भी प्रस्तावित

  • सेना के सहयोग से अप्रैल में सूर्य देवभूमि चैलेंज के तहत हेलंग से उर्गम, रुद्रनाथ, मंडल होते हुए ऊखीमठ तक 91 किमी का ट्रेक।
  • बदरीनाथ व माणा में जून में भारतीय सेना के साथ मिलकर देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल का आयोजन।
  • कुमाऊं से गढ़वाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से होते हुए हिमालयन कार रैली का आयोजन प्रस्तावित।


सीमावर्ती गांवों में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से स्थानीय निवासियों के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही वहां वर्षभर चहल-पहल रहेगी। यही नहीं, पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री


यह भी पढ़ें- सीएम धामी बोले - लोग कहते हैं रुद्रपुर से चुनाव लड़ लो...और बज उठीं तालियां; सियासी हलचल तेज

यह भी पढ़ें- महाशिवरात्रि पर सीएम धामी ने खटीमा में किया जलाभिषेक, मेले का किया शुभारंभ
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
163463