उत्कर्ष खोखर
जागरण संवाददाता, मेरठ। निगाहों में लक्ष्य छोटी उम्र में ही सध और बस जाए तो रास्तों की अड़चनें मुश्किल लग सकती हैं पर रुकावट नहीं बन सकतीं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से सोमवार शाम जारी जेईई मेन के पहले सत्र के परिणाम में उत्तर प्रदेश के टापर बने बागपत जिले के उत्कर्ष खोखर ने कुछ ऐसे ही लक्ष्य का पहला पड़ाव सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
माता-पिता दीपेंद्र कुमार खोखर व गीता और बड़ी बहन ईशा के साथ उत्कर्ष। सौ. स्वजन
उत्कर्ष को 99.99 परसेंटाइल अंक मिले
देश की आइआइटी सहित तमाम इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के पहले सत्र में उत्कर्ष को 99.99 परसेंटाइल अंक मिले हैं। इस अंक के साथ वह प्रदेश में पहली रैंक हासिल करने के साथ ही देश के टाप मेधावियों में 13वीं रैंक पर हैं। एनटीए की ओर से जारी प्रदेशवार 43 टापर्स की सूची में पहले 12 स्थान तक सभी को पूरे 100 परसेंटाइल अंक मिले हैं। इसमें सभी बालक हैं और 11वें स्थान तक सभी सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी हैं। 13वें स्थान पर उत्कर्ष हैं और उन्हें 99.99 परसेंटाइल अंक मिले हैं।
बोर्ड परीक्षा शुरू होने की पूर्व संध्या पर मिली सफलता
उत्कर्ष मंगलवार से कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे। बोर्ड परीक्षा की पूर्व संध्या पर मिली इस सफलता से जहां उत्कर्ष का आत्मविश्वास आसमान पर है वहीं उनके माता-पिता भी गदगद हैं। मूल रूप से बागपत के बड़ौत के रहने वाले उत्कर्ष के पिता दीपेंद्र कुमार खोखर मेरठ के सकौती चीनी मिल में महाप्रबंधक के तौर पर कार्यरत हैं। वहीं मां गीता जनता वैदिक इंटर कालेज में गणित की शिक्षिका हैं।
कक्षा नौवीं से ही शुरू कर दी थी तैयारी
उत्कर्ष ने जेईई मेन की तैयारी कक्षा नौवीं से ही शुरू कर दी थी। उन्होंने आकाश इन्विक्टस की आनलाइन कोचिंग ली और निरंतर तैयारी में जुटे रहे। कक्षा 10वीं में एल्पाइन पब्लिक स्कूल बागपत से 98.8 प्रतिशत अंक के साथ जिले के टापर रहे थे। उत्कर्ष के अनुसार उनकी रुचि हमेशा से तकनीकी विषयों में रही है। खेलकूद में अधिक रुचि नहीं है लेकिन तकनीकी और इंजीनियरिंग से जुड़ी किताबें पढ़ना उन्हें पसंद है।
प्राथमिक लक्ष्य आइआइटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना
उत्कर्ष का प्राथमिक लक्ष्य आइआइटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना है। पिछले वर्ष उत्कर्ष को होमी भाभा सेंटर आफ साइंस एजुकेशन की ओर से आयोजित इंडियन नेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीता था। उनका पसंदीदा विषय फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित हैं।
नेशनल साइंस एग्जामिनेशन में थे टाप-10 में
इंडियन एसोसिएशन आफ फिजिक्स टीचर्स की ओर से नेशनल साइंस एग्जामिनेशन आयोजित किया जाता है। इसमें उत्कर्ष पिछले वर्ष और इस वर्ष टाप-10 में थे। इसके साथ ही देश में टाप-1 प्रतिशत में शामिल रहे थे। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और एस्ट्रोनोमी में सफल हुए थे। फिजिक्स व केमिस्ट्री में इस वर्ष भी देश में टाप-10 में शामिल रहे थे। इस वर्ष दूसरे स्तर का परिणाम आना बाकी है। पिछले वर्ष दूसरे स्तर के परिणाम में सफल होने के बाद ही होमी भाभा में आयोजित नेशनल कैंप में शामिल हुए थे। उसी कैंप के बाद उन्हें केमिस्ट्री में स्वर्ण पदक मिला था।
उत्कर्ष छोटी उम्र से ही तकनीक के प्रति आकर्षित
उत्कर्ष के पिता दीपेंद्र कुमार खोखर ने बताया कि उत्कर्ष छोटी उम्र से ही तकनीक के प्रति आकर्षित हैं और हमेशा से ही कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त करते रहे हैं। गणित की तैयारी में उनकी मां का भी मार्गदर्शन मिला जिससे उनकी तैयारी अच्छी होती गई और जेईई मेन का परिणाम उसी मेहनत की तस्वीर है। कहा कि उन्हें आशा है कि उत्कर्ष 12वीं की बोर्ड परीक्षा में भी टाप कर अपने जिले और परिवार का नाम रोशन करेंगे। |
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