मेयर सौरभ जोशी नगर निगम का वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,712 करोड़ रुपये के बजट को पढ़ते हुए।
बलवान करिवाल, चंडीगढ़। नगर निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,712 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इस बजट को शहर को एआई आधारित, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। निगम का लक्ष्य वर्ष 2047 तक चंडीगढ़ को पूर्णतः डिजिटल और स्मार्ट प्रशासन वाला शहर बनाना है।
भाजपा के मेयर सौरभ जोशी की ओर से पेश किए गए प्रस्तावित बजट में 1,102 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 610 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं। वर्ष 2026-27 में कुल प्राप्तियां 1,726 करोड़ रुपये अनुमानित हैं, जिनमें से 461 करोड़ रुपये निगम की अपनी आय से आने का अनुमान है। इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
एआई आधारित स्मार्ट गवर्नेंस
डिजिटल इंडिया की तर्ज पर निगम ने एआई और आईटी अपग्रेडेशन के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। इसके तहत स्मार्ट सिंगल विंडो सिस्टम, डिजिटल फाइल ट्रैकिंग, एआई आधारित शिकायत निवारण, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट मॉनिटरिंग और ऑनलाइन बिलिंग-पेमेंट सिस्टम लागू किए जाएंगे। उद्देश्य है कि नागरिकों को सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हों और पारदर्शिता बढ़े।
बुनियादी ढांचे पर जोर
- सड़कें और स्मार्ट पार्किंग: 140 करोड़ रुपये
- जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण: 61.75 करोड़ रुपये
- स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज: 50 करोड़ रुपये
- सीवरेज सिस्टम: 44.50 करोड़ रुपये
- फायर सर्विसेज के आधुनिकीकरण और V4 “स्ट्रीट फॉर पीपल” परियोजना के विस्तार की भी योजना है।
स्वच्छता और पर्यावरण
जीरो वेस्ट चंडीगढ़ के लक्ष्य के साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 32.50 करोड़ रुपये और लैंडस्केपिंग व ग्रीन एरिया विस्तार के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एआई आधारित वेस्ट ट्रैकिंग और वेस्ट-टू-एनर्जी मॉडल को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
राजस्व बढ़ाने की रणनीति
नगर निगम ने राजस्व सृजन पर विशेष ध्यान दिया है। प्रॉपर्टी टैक्स के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम, डिजिटल टैक्स कलेक्शन, स्मार्ट पार्किंग रेवेन्यू मॉडल, म्युनिसिपल प्रॉपर्टीज का बेहतर उपयोग और डिजिटल एडवर्टाइजमेंट पॉलिसी लागू की जाएगी।
पीपीपी मॉडल से विकास
कम लागत में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पीपीपी मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत मल्टीलेवल पार्किंग, मॉडर्न कम्युनिटी सेंटर, ईवी चार्जिंग स्टेशन, ग्रीन बेल्ट और थीम गार्डन तथा व्यावसायिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे।
वार्ड और कमजोर वर्गों पर फोकस
वार्ड डेवलपमेंट फंड के लिए 30.80 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक वार्ड को 80 लाख रुपये मिलेंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सुविधाओं के लिए 14.53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
2047 का विजन
निगम का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक चंडीगढ़ ऐसा शहर बने जहां सभी सेवाएं डिजिटल और पारदर्शी हों, प्रशासन आत्मनिर्भर हो और विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे। बजट को शहर के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इसे सदन में पारित किया जाना बाकी है। |