जनपद में पहले चरण के सत्यापन में कट चुके हैं 1.81 लाख पंचायत वोटरों के नाम। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पंचायतों की वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण अभियान के क्रम में ब्लाकों के बाद अब जिले को यूनिट मानकर चिह्नित किए गए डुप्लीकेट वोटरों के सत्यापन में भी बड़ी संख्या में अपात्र वोटर पाए जा रहे हैं। अब तक 8.65 लाख वोटरों का सत्यापन हो चुका है जिनमें करीब 74 हजार ऐसे नाम मिले हैं, जिनके नाम एक से अधिक ब्लाकों की पंचायतों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। ऐसे मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। गांवों में 20 फरवरी तक बीएलओ सर्वे कर अपात्र वोटरों के नाम काटेंगे। 28 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
पुनरीक्षण अभियान के पहले चरण में बीएलओ ने करीब 30 हजार अपात्र मतदाता चिह्नित किए थे। इसके बाद ब्लाक को यूनिट मानकर निर्वाचन आयोग ने विशेष साफ्टवेयर की मदद से 5.16 लाख संभावित डुप्लीकेट वोटरों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी थी। निर्वाचन कार्यालय की ओर से जब इनका सत्यापन कराया गया तो 1.51 लाख वोटर के नाम संबंधित ब्लाक के भीतर ही दो या उससे अधिक पंचायतों में मिले थे।
दोनों ही सत्यापन में करीब 1.81 लाख नाम काटे गए। हाल ही में आयोग ने जिले को यूनिट मानकर विशेष साफ्टवेयर की मदद से करीब 12.40 लाख संभावित डुप्लीकेट वोटरों की सूची जिले को उपलब्ध कराई, जिनका सत्यापन चल रहा है। अब तक करीब 75 प्रतिशत संभावित डुप्लीकेट वोटरों का सत्यापन हो चुका है।
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करीब 3.25 लाख वोटरों का सत्यापन होना और बाकी है। माना जा रहा है कि इनमें भी करीब 20 हजार तक वोटराें के नाम कट सकते हैं। यानी फाइनल सूची में पहले चरण और दूसरे चरण के संभावित डुप्लीकेट वोटरों के सत्यापन में कुल 2.50 लाख वोटरों तक के नाम कट सकते हैं। |