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1.10 लाख किसानों का जमीन का वेरिफिकेशन अटका, नहीं बिक पा रहा धान; SIR ड्यूटी ने बढ़ाई चिंता

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पवन मिश्र, जागरण गोंडा। राजस्व कर्मियों के एसआइआर ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण गोंडा समेत 75 जिलों में एक लाख दस हजार किसानों का भूमि सत्यापन अटका है। धान खरीद सत्र में अब सिर्फ 13 दिन बचे हैं जबकि, इनकी अभी तक जमीन ही सत्यापित नहीं हो पाई है।

सिर्फ देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जिले के 5101 किसान लेखपाल समेत अन्य राजस्व अधिकारियों के चक्कर काट रहे है लेकिन, इन्हें अपनी गाढ़ी कमाई बेचने को हरी झंडी नहीं मिल पा रही है। तीन दिन पहले शासन ने सभी क्रय केंद्रों को बंद कर दिया था। सिर्फ मंडी में चल रहे क्रय केंद्रों को ही धान खरीदने की अनुमति दी थी।

इस फैसले से देवीपाटन मंडल के करीब दस हजार किसानों के सामने धान बिक्री का संकट पैदा हो गया था। अब शासन ने ब्लाक स्तर पर एक-एक क्रय केंद्र खोले रखने का निर्णय लिया है लेकिन, यदि सत्यापन नहीं हुआ तो किसानों का धान नहीं बिक पाएगा।

विपणन निरीक्षकों की परीक्षा ड्यूटी का भी धान खरीद पर असर

धान क्रय केंद्रों के प्रभारी रहे विपणन निरीक्षकों की ड्यूटी परीक्षा में लगने से धान खरीद प्रभावित है। किसान धान लेकर क्रय केंद्र पहुंच रहे हैं तो केंद्र प्रभारी उन्हें परीक्षा ड्यूटी की व्यस्तता का बहाना कर रहे हैं। नवीन गल्लामंडी में धान लाए रेतवागाड़ा के अजय बहादुर सिह की दोपहर बाद तौल हो पाई।

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जमुनिया बाग से आए राम करन ने बताया कि दो माह से दौड़ रहा है लेकिन, खरीद नही हो रही है। यहां नमूना दिखाने आए थे तो केंद्र प्रभारी के न होने के कारण कल बुलाया है। उधर केंद्र प्रभारियों का कहना था कि क्रय केंद्रों का लक्ष्य घट गया है, जिससे भी धान खरीद में दिक्कत आ रही है।


गोंडा में धान क्रय का लक्ष्य लगभग पूरा हो गया है लेकिन किसानों की सहूलियत को देखते हुए ब्लाक स्तर पर एक-एक क्रय केंद्र खुले रहेंगे। पंजीकरण के बाद भूमि सत्यापन लंबित होने की समस्या के लिए सभी डिप्टी आरएमओ को निर्देश दिया है कि वे जिला प्रशासन को पत्र लिखकर स्थिति में सुधार लाएं। विपणन निरीक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से मुक्ति के लिए पत्र लिखा है। कुछ को राहत मिली है, जो बचे हैं, वे भी जल्द मुक्त हो जाएंगे। - चंद्रभान यादव, संभागीय नियंत्रक खाद्य
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