सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सूत्र, जागरण-जगनेर (आगरा)। सिंगाइच गांव में रविवार रात जंगली जानवर के हमले से भेड़ पालक में हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह भेड़ों के बाड़े का दृश्य इतना भयावह था कि उसे देखकर हर कोई सन्न रह गया।
बाड़े में चारों ओर खून बिखरा पड़ा था, भेड़ों के चिथड़े इधर-उधर पड़े थे और 32 भेड़ें मृत अवस्था में मिलीं, जबकि 13 भेड़ें गंभीर रूप से घायल थीं। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
भेड़ पालक रामरतन पुत्र रणवीर सिंह ने बताया कि उसके पास लगभग 130 भेड़ है, वह रात करीब 10 बजे भेड़ों को बाड़े में बंद कर पास के मकान में सो गया था। सुबह जब वह बाड़े पर पहुंचा तो मंजर देखकर उसके होश उड़ गए।
कई भेड़ों के शव क्षत-विक्षत हालत में पड़े थे और घायल भेड़ें तड़पती मिलीं। सूचना मिलते ही ग्रामीणों के साथ स्थानीय पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
एसडीएम ऋषि राव ने बताया कि हमले में 32 भेड़ों की मृत्यु हुई है, जबकि 13 भेड़ें उपचाराधीन हैं। पशु चिकित्सकों द्वारा मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और घायल भेड़ों का उपचार लगातार जारी है।
वन विभाग को भी सूचना दी गई है और संदिग्ध जंगली जानवर की तलाश शुरू कर दी गई है।
मौके पर नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार की मौजूदगी में राजस्व टीम ने नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है।
नायब तहसीलदार ने बताया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार हर संभव सहायता दिलाई जाएगी। बताया गया कि रामरतन का परिवार करीब 40 वर्षों से भेड़ पालन के पुश्तैनी व्यवसाय से जुड़ा है।
पीड़ित के भाई मलखान ने बताया कि एक भेड़ की कीमत 10 से 15 हजार रुपये होती है। इस घटना में अनुमानित करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, हमलावर जानवर की शीघ्र पहचान कर उसे पकड़ने और पीड़ित परिवार को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। |
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