राज भवन कुछ के दौरान हाथी बड़कला के पास पुलिस द्वारा रोके जाने पर धरने पर बैठे कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कार्यक्रम संयोजक चकराता विधायक प्रीतम सिंह व अन्य। जागरण
जागरण संवाददाता, देहरादून। प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते महिला अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और जंगली जानवरों के हमलों के खिलाफ आज देहरादून की सड़कों पर कांग्रेस का उग्र तेवर देखने को मिला।
परेड ग्राउंड में हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी और लोकभवन कूच किया गया। हाथीबड़कला में पुलिस की भारी बैरिकेडिंग के बावजूद कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया।
जिससे पुलिस व कांग्रेसियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 300 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में पुलिस लाइन ले जाकर रिहा कर दिया गया।
लोकभवन की ओर बढ़ रहे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला में रोका गया। इस दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास करते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
कई कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैरिकेडिंग फांदने के चक्कर में कई कार्यकर्ता गिरकर चोटिल भी हो गए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गणेश गोदियाल व प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से हजारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मजबूत संदेश दिया है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि लोकभवन घेराव का आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को लाभ मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो चुका है और दिन-दहाड़े हत्याओं से आमजन दहशत में हैं।
प्रदर्शन में हरक सिंह रावत, ज्योति रौतेला सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अपराधों पर लगाम नहीं लगी और कानून-व्यवस्था पटरी पर नहीं आई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।
परेड मैदान में आयोजित सभा का संचालन कांग्रेस पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने किया। हाथीबड़कला से पुलिस ने कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा समेत तमाम बड़े नेताओं को पुलिस वैन में भरकर हिरासत में लिया और पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ा।
कुमारी शैलजा ने प्रीतम की पीठ थपथपाई
कांग्रेस के कूच में उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा भी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्द्धन करने पहुंचीं। रैली में भारी भीड़ व व्यापक प्रदर्शन पर कुमारी शैलजा ने कार्यक्रम के संयोजक केंद्रीय चुनाव समिति सदस्य विधायक प्रीतम सिंह की पीठ थपथपाई।
कार्यक्रम में शामिल हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक गुरदीप सिंह सप्पल, उत्तराखंड सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव ने भी आयोजन को सफल बताते हुए प्रदेश के तमाम नेताओं को बधाई दी।
दिल्ली से पूर्व सांसद अलका लांबा ने उत्तराखंड कांग्रेस को आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पूरा जोर लगाने को प्रेरित किया। प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने भी विशाल रैली के लिए विधायक प्रीतम सिंह को श्रेय दिया।
शहर से पोस्टर-बैनर हटाने पर भड़के कांग्रेसी
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकभवन कूच से पूर्व शहर में लगाई गई प्रचार सामग्री को नगर निगम कर्मचारियों की ओर से हटाया गया, जो सरकार के दबाव में की गई कार्रवाई है। चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसकी निंदा की। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता के सवालों से घबराई हुई है। कार्यक्रम से पहले ही बैनर-पोस्टर हटवाकर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया गया। कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष सुनील कुमार बांगा ने आरोप लगाया कि घेराव कार्यक्रम से पूर्व घंटाघर, राजपुर रोड और लोकभवन क्षेत्र में लगाए गए पार्टी के फ्लेक्स को देहरादून नगर निगम की टीम ने हटा दिया।
ढोल-नगाड़ों के साथ शक्ति प्रदर्शन
कांग्रेस के कूच में शक्ति प्रदर्शन करते हुए नेताओं के समर्थक ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे। कैंट विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर के नेतृत्व में सैकड़ों बाइकों के साथ निकली युवाओं की रैली ने परेड ग्राउंड में जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई।
इसके अलावा भारत माता, महात्मा गांधी समेत अन्य महापुरुषों के वेश धारण कर रैली में शामिल हुए बच्चे भी आकर्षण का केंद्र रहे। हालांकि, इस बीच परेड मैदान में कुछ मुस्लिम कार्यकर्ताओं की ओर से देहरादून में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की मांग करने की भी चर्चा है।
बीमार हरीश रावत भी हुए रैली में शामिल
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक ममता राकेश व कांग्रेस वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप तबीयत खराब होने के बावजूद रैली में शामिल हुए। हरीश रावत को उनके समर्थक पकड़ कर मंच तक ले गए और कुछ देर बाद वह घर चले गए।
हमें नहीं पता किसलिए आए हैं रैली में
कांग्रेस के लोकभवन कूच में भारी भीड़ जुटी। इस दौरान यह भी कहा जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों से भी कांग्रेस ने भीड़ जुटाई। कुछ लोग यह पूछे जाने पर कि रैली में क्यों आए हैं, यह कहने लगे कि हमें नहीं पता किसलिए आए हैं। हमें कहा गया कि कोई रैली है। वहीं, इसमें बिजनौर, सहारनपुर आदि जिलों के लोग तो शामिल थे ही, कुछ बंगाल तक के लोग भी शामिल मिले।
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