संवाद सूत्र, बाराबंकी। बहराइच और अयोध्या को जोड़ने वाला नगर को अति महत्वपूर्ण मार्ग को फोरलेन करने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र से मिली मंजूरी के बाद वन विभाग की ओर से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर कर दी गई है। सब कुछ सही रहा तो अगले महीने से निर्माण शुरू हो जाएगा।
नगर पालिका परिषद बाराबंकी के भीतर से गुजरने वाला असेनी से रामनगर तिराहे तक करीब 12 किलोमीटर लंबा मार्ग अब फोरलेन में तब्दील होगा। सड़क चौड़ीकरण के लिए आरक्षित वन क्षेत्र में चिह्नित 250 से अधिक पेड़ों की कटान को राज्य सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। अब केंद्र सरकार ने इसके बदले 10 गुणा यानी 2500 पौधे लगाने की शर्त के साथ आरक्षित वन क्षेत्र की स्वीकृति पर अंतिम मुहर लगा दी है।
परियोजना के तहत हरख के चकसार में जिले का सबसे छोटा नया वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन कायम रखने में मदद मिलेगी, बल्कि हरित क्षेत्र का विस्तार भी होगा।
सबसे पहले मिली अनुमति
यह फोरलेन बहराइच और अयोध्या को सीधे जोड़ते हुए क्षेत्रीय आवागमन, व्यापारिक गतिविधियों और यातायात व्यवस्था को नई गति देगा। आरक्षित वन क्षेत्र के लिए प्रदेश से भेजे गए तीन प्रस्तावों बरेली, हापुड़ और बाराबंकी में से जिले को यह महत्वपूर्ण अनुमति प्राप्त हुई है। फोरलेन निर्माण के दौरान वन विभाग की लगभग पांच हेक्टेयर आरक्षित भूमि प्रभावित होगी। इसके अतिरिक्त मार्ग में बिजली के पोल, पेड़ और अतिक्रमण जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। जिन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
29 करोड़ 71 लाख रुपये से बनेगा फोरलेन
नगर पालिका परिषद बाराबंकी के भीतर सफेदाबाद से चौपुला तक करीब 16 किलोमीटर लंबा मार्ग पूर्व में लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा था। लखनऊ-अयोध्या हाईवे बनने के बाद यह मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आ गया। अब असेनी से रामनगर तिराहे तक करीब 12 किलोमीटर लंबा फोरलेन 29 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
असेनी से रामनगर तिराहे तक फोरलेन निर्माण के लिए वन विभाग से एनओसी मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।- राजीव कुमार राय, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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