जागरण संवाददाता, फतेहपुर। भंडारे के दौरान प्रसाद बांटने के लिए रखी भगौने में खौलती खीर में दस वर्षीय बच्चा गिर गया। बच्चे के चिल्लाने पर प्रसाद का वितरण कर रहे लोगों का ध्यान इस ओर गया। बच्चे को भगौना से बाहर निकाला गया। बच्चे के शरीर की पूरी खाल उधड़ गई।
आनन फानन इलाज के लिए कानपुर ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। स्वजन कानपुर से शव घर लेकर आ रहे हैं।
औंग़ थाने के बनियनखेड़ा गांव में में महाशिव रात्रि पर प्रति वर्ष भंडारे का आयोजन अवधेश सविता करते आ रहे हैं। रविवार को शिवरात्रि पर भंडारा दोपहर करीब दो बजे से शुरू हुआ।
भंडारे में पूड़ी सब्जी के अलावा खीर भी बनी थी। प्रसाद वितरण के दौरान ही खीर व पूड़ी बनकर आ रही थी। भंडारे में गैस चूल्हे ओर बने रही खीर पकने के बाद उतारकर हलवाइयों ने रखा और बांटने के लिए तुरंत ले जाया गया। भगौने को ढक्कन के बजाय एक कपड़े से ढक दिया गया।
गांव के महेंद्र लोधी का इकलौता दस वर्षीय पुत्र आर्यन प्रसाद लेने के लिए आया। इस दौरान खीर से भरे गर्म भगौने में गिर गया। चिल्लाने पर लोग दौड़े और बच्चे को बाहर निकला गया। तब तक उसका पूरा शरीर बुरी तरह से झुलस गया। भगौने से निकालने के दौरान उसके शरीर से खाल तक छूट गई थी।
स्वजन व भंडारा आयोजक बच्चे को इलाज के लिए एलएलआर कानपुर ले गए। जहां से फिर निजी अस्पताल में भर्ती किया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी रमा शंकर सरोज ने बताया कि बच्चा गंभीर रूप से झुलसा था। स्वजन कानपुर इलाज को ले गए थे, जहां मौत होने की जानकारी आई है। अभी तक कोई लिखित सूचना नहीं है। |
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