सांकेतिक तस्वीर।
अली अब्बास, आगरा। राष्ट्रीय परमिट प्राप्त व्यवसायिक वाहनों के चालक अब अपने मालिक और RTO को चकमा नहीं दे सकेंगे। वाहन में लदे माल को खुर्द बुर्द करने पर उनकी लोकेशन सच उगल देगी।
उक्त वाहनों की 24 घंटे निगरानी के लिए व्हीकल लाेकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन से लैस करने की योजना बनाई गयी है। इस वर्ष अप्रैल से पूरी तरह से लागू हो जाएगी। इसके बिना वाहन को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सकेगा।
कई बार चालकों द्वारा लूट की झूठी सूचना, लोड वाहन का माल किसी और जगह बेच देने समेत अन्य घटनाएं सामने आती हैं।
वह अपनी गलत लोकेशन बताकर पुलिस, आरटीओ और वाहन मालिक को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। आपात स्थिति में फंसने पर पैनिक बटन की सुविधा अधिकांश वाहनों में नहीं होती।
राष्ट्रीय परमिट प्राप्त वाहनों की 24 घंटे डिजिटल निगरानी के लिए अब व्हीकल लाेकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन से लैस करने की कार्य योजना पिछले वर्ष बनाई गयी थी।
जिसके तहत राष्ट्रीय परमिट प्राप्त सभी वाहनों में उक्त दोनों वीएलटीडी और पैनिक बटन से अपडेट किया जाना अनिवार्य होगा। इस वर्ष अप्रैल के बाद वाहन की फिटनेस में यह दोनों चीजें अनिवार्य होंगी। इनके बिना वाहन को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
एआरटीओ आलोक कु कुमार ने बताया कि विभाग ने इस वर्ष सभी राष्ट्रीय परमिट प्राप्त वाहनों के लिए वीएलटीडी एवं आपातकालीन सहायता बटन के (पैनिक बटन) के लिए विशेष कार्य योजना (एसओपी) तैयार की है।
इसके तहत परमिट वाहनों में एआइएस मानक 140 के तहत वीएलटीडी और पैनिक बटन अनिवार्य किया गया है। चालक द्वारा पैनिक बटन दबाने पर लखनऊ मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम में अलर्ट का मैसेज पहुंचेगा।
वहां तैनात टीम द्वारा तत्काल इसकी सूचना संबंधित जिले की पुलिस और परिवहन विभाग को दी जाएगी। जिससे चालक को तत्काल मदद मिल सकेगी। वहीं, व्यवसायिक वाहनों में यह सुविधा उनकी निर्माता कंपनियों या अधिकृत एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। |
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