क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण करने पहुंची टीम। सौ स्वयं
अनिल कुमार, बरेली। बरेली के युवाओं को विदेश में रोजगार के द्वार खुल गए हैं। इजरायल के बाद अब जापान और जर्मनी में भी युवा नौकरी करने जाएंगे। विदेश में नौकरी के दौरान भाषा की दिक्कत न हो, इसके लिए युवाओं को पहले जापान और जर्मनी की भाषा भी सिखाई जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया है।
ट्रेनिंग सेंटर के संचालन के लिए सेवायोजन निदेशालय की ओर से तय एजेंसी के प्रतिनिधियों ने एक सप्ताह पहले बरेली कार्यालय में तैयार सेंटर का निरीक्षण किया और इसे ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त पाया है। सेवायोजन विभाग की ओर से विदेश में युवाओं को नौकरी के लिए भेजने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है।
मिशन रोजगार के तहत युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाया जा रहा है। इजरायल में प्रदेश से काफी संख्या में श्रमिक काम करने गए हैं। बरेली मंडल से भी आठ श्रमिक गए हैं जो वहां बेहतर काम कर रहे हैं। अब जापान और जर्मनी से स्टाफ नर्स, केयर टेकर आदि की मांग की गई है। विदेश में युवाओं को रोजगार के लिए भेजने के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत भाषा की होगी।
स्वास्थ्य से जुड़े कार्य होने की वजह से भाषा का ज्ञान बहुत जरूरी है। बरेली समेत प्रदेश के अधिकांश संस्थान जो नर्सिंग, एनएनएम और जीएनएम का कोर्स कराते हैं, वहां कोई भाषा की ट्रेनिंग नहीं दी जाती है। निदेशालय में अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से इस समस्या को रखा तो निर्णय लिया गया गया कि विदेश में युवाओं को भेजने के लिए उन्हें पहले भाषा की ट्रेनिंग कराई जाएगी।
इसके लिए प्रदेश में 17 सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें बरेली मंडल में बरेली में क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में सेंटर बनाया गया है। सेंटर में किस तरह से ट्रेनिंग दी जाएगी, इसका निरीक्षण करने एक सप्ताह पहले निदेशालय से तय एजेंसी आई थी। इस एजेंसी में जापानी और जर्मन भाषा जानने वाले भी थे। एजेंसी ने सेंटर को ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त पाया है।
अब तक 100 युवाओं ने किया रजिस्ट्रेशन
विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले युवाओं का रजिस्ट्रेशन रोजगार संगम पर शुरू कर दिया गया है। अब तक सौ से अधिक युवाओं ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इसमें युवक और युवतियां दोनों हैं। युवतियों को विदेश भेजने के लिए उनके अभिभावकों की भी अनुमति ली जाएगी। इन युवाओं को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो महीने की जर्मनी और जापानी भाषा की ट्रेनिंग दी जाएगी।
इसके बाद इनका टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट में पास होने के बाद विदेश मंत्रालय के ई-माइग्रेंट पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। विदेश जाने वाले युवाओं के पास पासपोर्ट होना जरूरी होगा। वहीं अधिक से अधिक युवाओं के पंजीकरण के लिए सेवा योजन कार्यालय की ओर से नर्सिंग कालेजों में करियर काउंसिलिंग भी की जा रही है। अब तक 10 कालेजों में संपर्क भी किया जा चुका है।
जापान और जर्मनी में युवाओं को रोजगार के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सेवायोजन निदेशालय से टीम ने बरेली आकर भाषा की ट्रेनिंग के लिए तैयार सेंटर का निरीक्षण किया है। भाषा की ट्रेनिंग देने के बाद युवाओं का टेस्ट लिया जाएगा और टेस्ट में पास होने वालों को ही भेजा जाएगा।
-त्रिभुवन सिंह, सहायक निदेशक सेवायोजन
यह भी पढ़ें- बजट है, भवन भी तैयार... फिर बरेली की 199 डिजिटल लाइब्रेरी में क्यों नहीं पहुंच रही किताबें? |
|