अपने पति के साथ तमन्ना
संवाद सूत्र, नूरपुर (बिजनौर)। हरिद्वार से बुर्का पहकर कांवड़ लेकर आ रही एक मुस्लिम समाज की महिला चर्चा का विषय बनी हुई है। शुक्रवार को वह नूरपुर पहुंचीं तो भीड़ जमा हो गई। महिला के साथ जत्थे में शामिल कांवड़ियों ने बताया कि संभल निवासी हैं और कुछ समय पहले हिंदू समाज के युवक से प्रेम विवाह किया है।
सनातन धर्म में आस्था जताते हुए वह ससुराल पक्ष के लोगों के साथ हरिद्वार सें कांवड़ लेकर आ रही हैं। इस दौरान लोगों ने उनका स्वागत किया।
शुक्रवार को दोपहर हरिद्वार से कांवड़ आ रहे कांवडियों के जत्थे में बुर्का पहने एक महिला महिला को भी कांधे पर कांवड़ लेकर आते देख लोगों में चर्चा शुरू हो गई।
रास्ते उत्सुकतावश लोगों ने महिला कांवड़ियां से काफी पूछने का प्रयास किया लेकिन वह अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ती गईं। महिला के साथ चल रहे जत्थे में शामिल कांवड़ियों ने बताया कि उनका नाम तमन्ना है और वह संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के ग्राम बदनपुर वसई की रहने वाली है। उसने तीन वर्ष पूर्व गांव के ही रहने वाले अमन त्यागी से प्रेम विवाह किया है।
सनातन धर्म में अपनी आस्था जताते हुए उसने मन्नत मांगी थी। बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से मन्नत पूरी होने के बाद वह हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर आ रही है।
उधर, बुर्का पहनकर कांवड़ लाने की संवेदनशीलता को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद के नगराध्यक्ष गौरव त्यागी और भाजपा नगर उपाध्यक्ष जीतू भुइयार के नेतृत्व में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने नूरपुर थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित बलदाना गांव से महिला और उनके साथ चल रहे कांवड़ियों के जत्थे को सुरक्षा घेरे में लेकर उन्हें शिवाला कला क्षेत्र की सीमा तक छोड़ दिया।
इसके उपरांत पुलिस सुरक्षा के बीच महिला श्रद्धालु को जिले की सीमा तक छोड़ा गया। विश्व हिंदू परिषद के नगराध्यक्ष गौरव त्यागी ने बताया कि संगठन द्वारा महिला के कांवड़ लेकर आने और उनको सुरक्षित ढंग से छुड़वाने के वरिष्ठ पदाधिकारियों से निर्देश प्राप्त हुए थे। |
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