जागरण संवाददाता, औरैया। दैनिक जागरण की ओर से एंटीबायोटिक्स के हानिकारक प्रभाव को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में डाक्टर भी सहयोग कर रहे हैं।
अधिकारी जहां संबंधित डाक्टरों को मरीजों के उपचार के दौरान एंटीबायोटिक का सतर्कता से प्रयोग करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम क्षेत्र में जाकर ग्रामीणों को एंटीबायोटिक्स के हानिकारक प्रभाव के बारे में बता रही हैं।
जागरण की पहल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम निंगड़ा व बमुरीपुर गांव में पहुंची। कुछ प्रमुख स्थानों पर ग्रामीणों को एंटीबायोटिक्स के बारे में जागरूक किया। इसके बाद कुछ घरों में भी टीम पहुंची।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सीएचओ ज्योति यादव ने ग्रामीणों को बताया कि सामान्य सर्दी, जुकाम व बुखार में एंटीबायोटिक्स का प्रयोग न करें। जुकाम की शुरुआती दिक्कत होने पर गुनगुना पानी पिएं सादे पानी की भाप लें। बुखार में सिर्फ पैरासीटामाेल का प्रयोग कर सकते हैं।
बताया कि गंभीर बीमारी की स्थिति में पास के सरकारी अस्पताल में जाकर विशेषज्ञ डाक्टर को दिखाएं। यदि गंभीर बीमारी में एक दो दिन में आराम नहीं मिलता है। तो ऐसे में अपने डाक्टर पर भरोसा रखें। अपनी मर्जी से मेडिकल आदि से एंटीबायोटिक्स खरीदकर प्रयोग न करें।
एंटीबायोटिक्स का गलत व अधिक मात्रा में प्रयोग से वह रेसिस्टेंस हो जाती हैं। यानी उनका शरीर पर असर सामाप्त हो जाता है। कई बार एंटीबायोटिक्स का साइड इफेक्ट भी हो जाता है। लोगों को दूसरी बीमारी होने का खतरा बना रहता है। इसलिए अपने व अपने परिवार की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित डाक्टर की देखरेख में ही दवाओें का प्रयोग करें। |
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