संवाद सूत्र, धनपतगंज (सुल्तानपुर)। शादी कर दूल्हे के परिवार को लूट कर फरार होने वाले लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है।
राजस्थान के जनपद करौली निवासी जगदीश पुत्र नानकराम ने थाने पर लिखित शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि उसके बड़े पुत्र की शादी के लिए मनोज नामक रिश्तेदार के माध्यम से राजपाल निवासी जिला मथुरा से संपर्क हुआ। राजपाल ने देवरिया क्षेत्र की एक युवती का रिश्ता बताया और मोबाइल पर फोटो भेजी, जो परिवार को पसंद आ गई।
1 फरवरी 2026 को लड़की दिखाने के लिए बुलाया गया, जहां सुमन नाम बताने वाली युवती, उसकी कथित भाभी, सहेली शशि और एक व्यक्ति सुनील से मुलाकात हुई। रस्म के तौर पर कपड़े, मिठाई व नगद राशि देकर रिश्ता तय किया गया।
10 फरवरी 2026 को देवरिया से करीब 4 किमी दूर दुर्गा मंदिर लाईपार में शादी कराई गई। आरोप है कि शादी के तुरंत बाद आरोपियों ने 1.40 लाख रुपये की मांग की और रकम न देने पर दुष्कर्म व मानव तस्करी जैसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। भयभीत परिजनों ने 1.10 लाख रुपये दे दिए।
इसके बाद जब बारात पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से लौट रही थी, माइलेज 110पर सभी जल पान के लिए रुके तो फिर 64 हजार रुपये की मांग की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। घबराकर पीड़ित पक्ष ने 7 हजार रुपये और दिए। उसी समय पता चला कि युवती पहले से शादीशुदा है और गिरोह के साथ मिलकर फर्जी विवाह कर ठगी करती है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से लोगों को झांसे में लेकर शादी कराते हैं और फिर ब्लैकमेल कर रकम वसूलते हैं। शादी के दौरान दिए गए चांदी के पायल, बिछुआ, मंगलसूत्र व अन्य जेवरात भी उनके पास होने की बात कही गई है।
यह गिरोह अपने साथियों निशा, रानी, जलसा और शशि आदि के साथ मिलकर फर्जी विवाह कर लोगों से अवैध वसूली करता है। युवती सुमन पहले से विवाहित है और उसके तीन बच्चे हैं। उसका वास्तविक नाम मुस्कान बताया गया है तथा उसके पति का नाम परवेज है।
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