search
 Forgot password?
 Register now
search

माघ मेला में वसंत पंचमी पर इमरजेंसी प्लान लागू, संगम में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़ तो कई मार्ग बंद किए गए

deltin33 9 hour(s) ago views 259
  

प्रयागराज माघ मेला में वसंत पंचमी स्नान पर्व पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। जागरण



जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माघ मेला में पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के बाद चौथे प्रमुख स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ संगम स्नान को उमड़ पड़ी है। आसमान साफ है और गुनगुनी धूप में होठों पर गंगा मैया का नाम लेते हुए स्नानार्थियों की भीड़ बसों और ट्रेनों के अलावा अपने निजी वाहनों से प्रयागराज पहुंची है। इसके बाद पैदल ही गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन जल में स्नान का उमंग अधिक है।

शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक पावन स्नान पर्व पर लगभग एक करोड़ चार लाख लोगों ने संगम और गंगा में आस्था की डुबकी लगा चुके थे। वहीं दोपहर 12 बजे तक लगभग 2 करोड़ 10 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।

संगम पर सुबह भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया। इसकी वजह से माघ मेला प्रशासन ने इमरजेंसी प्लान लागू किया। इस दौरान कई मार्ग बंद कर दिए गए।

काली मार्ग पर अचानक भीड़ बढ़ गई थी। कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बंद करके संगम की ओर जाने वाली भीड़ को रोक दिया गया। संगम अपर मार्ग को काली मार्ग से बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया। भीड़ को ऐरावत स्नान घाट की ओर डायवर्ट कर दिया गया। संगम को खाली कराया गया है। बाद में भीड़ का दबाव कम होने पर संगम घाट पर स्नान शुरू हुआ।
खास-खास

- 16 स्नान घाटों पर वसंत की लग रही पुण्य की डुबकी, संगम पर विशेष प्रबंध

- 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के वसंत पर आने का प्रशासन का अनुमान  

गुरुवार देर रात घंटा-घड़ियाल और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शंख की ध्वनि के बीच संगम में डुबकी लगने लगी। मेला प्रशासन का अनुमान है कि दो करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। शुक्रवार को वसंत पंचमी के स्नान के लिए गुरुवार से ही श्रद्धालुओं का माघ मेला में रेला उमड़ने लगा। शाम तक तो मेला में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मेला का काली मार्ग हो अथवा गंगा पथ या फिर त्रिवेणी मार्ग और झूंसी के हर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ चली आ रही थी। मानों आस्था का जन सागर भोर में ही उमड़ पड़ा हो।

भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। भीड़ के मद्देनजर एहतियातन मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त प्रबंध किए हैं। पार्किंग के अलावा खाली स्थानों और पटरियों पर बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया। लगभग 3.69 किमी की लंबाई में फैले 16 स्नान घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे हैं। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। रास्ते भर जय गंगा मैया, हर-हर महादेव और जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोष गूंज रहे थे।

मेले में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मेला क्षेत्र के इंट्री प्वाइंटों, संगम व पांटून पुलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस, पैरामिलिट्री के अलावा होमगार्ड्स, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और यूपी एसटीएफ के जवान तैनात हैं। वसंत पंचमी के बाद अचला सप्तमी और सप्ताहांत की भीड़ तथा इसके बाद 26 जनवरी के अवकाश के चलते और भी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।

अन्य स्नान घाटों पर एसडीएम तथा मेला के प्रवेश मार्गों पर मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। प्रमुख मार्गों से लेकर मुख्य चौराहों पर भी मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। मेला के आसपास तथा शहर व विभिन्न राजमार्गों पर 16 होल्डिंग एरिया हैं, जिनमें सवा दो लाख से ज्यादा लोगों को रोका जा सकेगा।

मेलाधिकारी ऋषिराज का कहना है कि वसंत पंचमी स्नान पर्व माघ में अपार आस्था का दृश्य दिखाई दे रहा है। संगम समेत अन्य स्नान घाटों पर सुरक्षा से लेकर सहूलियत तक के विशेष प्रबंध किए गए हैं। मेला में तैनात अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं।  

यह भी पढ़ें- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को एक और नोटिस, प्रयागराज माघ मेला में प्रतिबंध लगाने की चेतावनी

यह भी पढ़ें- UP Board Practical Exam 2026 : प्रायोगिक परीक्षा 24 जनवरी से, एप का परीक्षण करने पहुंचे यूपी बोर्ड के अधिकारी
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
466054

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com