मिथुन मन्हास (file photo)
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने गुरुवार को बांग्लादेश के साथ क्रिकेट संबंधों के सवाल को नजरअंदाज किया।
बांग्लादेश अपनी बात पर अड़ा रहा कि वो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत में अपनी टीम को नहीं भेजेगा। आईसीसी ने हाल ही में बांग्लादेश की स्थान बदलने की गुजारिश को खारिज कर दिया था। मिथुन मन्हास से जब रायपुर में इस संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो यहां भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच को देखने आएं हैं।
#WATCH | Chhattisgarh: BCCI President Mithun Manhas reaches Raipur airport.
He says, “I have come here for the second T20 match between India and New Zealand in Raipur.“ pic.twitter.com/0RYAd9ji2k— ANI (@ANI) January 22, 2026
भारत-बांग्लादेश की तकरार
बीसीसीआई ने इस मामले पर सख्त चुप्पी बरकरार रखी है। विशेषकर मन्हास, जिन्होंने खुद को प्रेस विज्ञप्ति तक सीमित कर रखा है। आईसीसी ने बुधवार को चेतावनी जारी की थी कि बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने की पुष्टि करे या फिर उसकी जगह जाने का खतरा बना हुआ है।
बीसीसीआई ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों को भारत में किसी प्रकार की सुरक्षा चिंता नहीं होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी20 वर्ल्ड कप में जगह मिल सकती है।
आईसीसी के सामने अड़ा बांग्लादेश
बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरूल ने राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों से बातचीत के बाद कहा कि आईसीसी के सुरक्षा मूल्यांकन स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि खिलाड़ियों, पत्रकारों और समर्थकों की सुरक्षा का मसला हल नहीं हुआ और साथ ही कहा कि अगर बांग्लादेश के मुकाबले श्रीलंका में स्थानांतरित कर दिए जाए, तो वो हिस्सा लेने के लिए राजी है।
नजरूल ने बताया कि यह फैसला सरकारी स्तर पर लिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि सुरक्षा में चूक के संभावित परिणाम टूर्नामेंट से बाहर होने की कीमत से कहीं अधिक थे। बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने चार मैच भारत में खेलना हैं। तीन मैच कोलकाता जबकि एक मुकाबला मुंबई में खेला जाना है।
रहमान के बाहर होने से बढ़ा मामला
कुछ अज्ञात घटनाक्रमों के बीच बीसीसीआई के निर्देशों पर तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद तनाव बढ़ गया, जिसे बांग्लादेश ने नई चिंता का कारण बताया। हालांकि, आईसीसी ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि बांग्लादेश की स्थिति को एक अलग-थलग और असंबंधित घरेलू लीग मुद्दे से जोड़ा जा रहा है।
इसमें यह तर्क दिया गया कि स्वतंत्र सुरक्षा निष्कर्षों के बिना उपकरणों को स्थानांतरित करने से बड़ी रसद संबंधी चुनौतियां उत्पन्न होंगी और एक समस्याग्रस्त मिसाल कायम होगी।
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