घायलों के इलाज पर अस्पतालों को मिलेगा 1.5 लाख तक कैशलेस भुगतान।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। सड़क दुर्घटनाओं और आपातकालीन घटनाओं में घायलों को त्वरित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की सूची तैयार करनी शुरु कर दी है। आयुष्मान के जिला समन्यव अजय प्रताप सिंह अस्पताल प्रबंधन ऑनलाइन प्रशिक्षिण देने में जुट गए है।
अब घायलों का इलाज करने पर अस्पताल प्रबंधन को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा दी जाएगी। इस योजना से न सिर्फ मरीजों को तुरंत इलाज मिलेगा।
एक ओर घायलों को बिना देरी के बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, वहीं दूसरी ओर निजी और सरकारी अस्पतालों को आर्थिक जोखिम से भी राहत मिलेगी।
अब तक कई मामलों में देखा गया था कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति के पास तत्काल पैसे न होने के कारण इलाज में देरी होती थी या अस्पताल उसे भर्ती करने से कतराते थे। इस नई व्यवस्था से ऐसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगेगी। शासन का निर्देश है कि इलाज पहले, भुगतान बाद में की भावना के साथ हर घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिले।
योजना के तहत सड़क दुर्घटना, गंभीर चोट, ट्रामा और आपातकालीन स्थिति में लाए गए मरीजों को शुरुआती इलाज से लेकर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं कैशलेस दी जाएंगी।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा इलाज का विवरण और जरूरी दस्तावेज संबंधित पोर्टल या नोडल एजेंसी को भेजे जाएंगे, जिसके बाद निर्धारित सीमा तक भुगतान सीधे अस्पताल को किया जाएगा।
इस व्यवस्था से गोल्डन आवर (दुर्घटना के बाद पहला महत्वपूर्ण समय) में जान बचाने में बड़ी मदद मिलेगी। अक्सर शुरुआती एक घंटे में सही इलाज न मिलने से मरीज की हालत गंभीर हो जाती है या जान तक चली जाती है। कैशलेस सुविधा से अब अस्पताल बिना किसी औपचारिकता के तुरंत इलाज शुरू कर सकेंगे।
घायलों के इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन को 1.5 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा मिलेगी। इस सुविधा से घायलाें को अस्पताल में त्वरित उपचार मिलेगा, उपचार के बदले घायलों से पैसे नहीं लिए जाएगें। -डॉ ननकू राम वर्मा, सीएमओ।
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