जूनियर एडेड भर्ती 2021 में अनुभव प्रमाणपत्र के मुद्दे पर प्रधानाध्यापकों ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। वित्तविहीन जूनियर एडेड विद्यालयों में दी गई सेवाओं का अनुमोदन नहीं होने के कारण अनुभव प्रमाणपत्र निर्गत नहीं होने से परेशान जूनियर एडेड भर्ती-2021 की कटआफ सूची में शामिल प्रधानाध्यापक पद के अभ्यर्थी सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिले।
उन्हें बताया कि पिछले 14-15 साल से वित्तविहीन विद्यालयों द्वारा अनुमोदन नहीं लिए जाने से उन्हें बीएसए द्वारा अनुभव प्रमाणपत्र निर्गत नहीं किया जा रहा है। इससे चयन में उनके सामने समस्या आ सकती है। मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थी ज्ञानवेंद्र सिंह व अन्य को आश्वसत किया है कि वह मामले की जांच कराएंगे।
काउंसलिंग के समय अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेखों की सूची बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने जारी की थी। इसमें अनुमोदन की प्रति भी आवश्यक थी, जिसके आधार पर बीएसए को अनुभव प्रमाणपत्र निर्गत करना था।
अभ्यर्थी ज्ञानवेंद्र सिंह ने बताया विद्यालयों ने अनुमोदन नहीं कराया तो इसमें अभ्यर्थियों की कोई गलती नहीं है। इस पर शासन एवं विभाग को ध्यान देना था, लेकिन नहीं दिया गया। ऐसे में अनुमोदन के अभाव में अधिकांश अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाणपत्र संबंधित जिलों के बीएसए ने निर्गत नहीं किए।
अभ्यर्थियो ने निर्धारित समय सीमा 15,16,17 एवं 19 जनवरी को काउंसलिंग कराने के बाद मुख्यमंत्री से मिले, ताकि अनुभव प्रमाणपत्र के अभाव में उनका चयन बाधित न हो। इसके बाद बेसिक शिक्षा निदेशक से भी मिले। अभ्यर्थियों के अनुसार निदेशक ने कमेटी बनाकर जांच कराने और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। |