LHC0088 • 7 hour(s) ago • views 637
दक्षिण हरियाणा के अहीरवाल में BJP नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग (प्रतिकात्मक तस्वीर)
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। दक्षिण हरियाणा खासकर अहीरवाल में इस समय भाजपा की राजनीति में जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। पिछले लंबे समय से अहीरवाल की सियासत में एकछत्र राज कर रहे केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत जहां बार-बार पार्टी के समक्ष अपनी अहमियत जता रहे हैं, वहीं उनके धुर विरोधी हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर और पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव जुबानी हमला बोलने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे हैं।
अहीरवाल के इन भाजपा नेताओं की आपसी लड़ाई में राव इंद्रजीत की बेटी आरती सिंह राव भी कूद पड़ी हैं। राव इंद्रजीत ने हाल ही में संकेत दिया था कि उनकी राजनीतिक उत्तराधिकारी आरती सिंह राव हैं। इस वजह से अहीरवाल के नेताओं की यह लड़ाई काफी दिलचस्प बनी हुई है।
आरती राव हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। भाजपा शासित सरकारों में हरियाणा एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां पिता राव इंद्रजीत केंद्र सरकार में राज्य मंत्री और उनकी बेटी आरती सिंह राव राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। भाजपा को सबसे अधिक दिक्कत राव इंद्रजीत के राजस्थान के झुंझनु में दिए गए उस बयान से है, जिसमें राव इंद्रजीत कहते सुनाई दे रहे हैं कि हरियाणा में उनके प्रयासों से सरकार बनी, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत का वाजिब इनाम नहीं मिला है।
75 वर्षीय राव इंद्रजीत चाहे कांग्रेस में रहे हों या फिर भाजपा में हैं, लेकिन उनकी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा कभी कम नहीं हुई। उनके वाजिब इनाम से जुड़े बयान को इसी इच्छा से जोड़कर देखा जा रहा है, जो कि भाजपा को पसंद नहीं है।
राव इंद्रजीत के एक के बाद एक कई ऐसे बयान आए हैं, जिनमें उद्योग मंत्री राव नरबीर और पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव की राजनीति भी प्रभावित हुई है। हालांकि, यह स्थिति तब बनी, जब राव इंद्रजीत की राजनीति को हिलाने की कोशिश की गई। पार्टी हाईकमान के किसी एक्शन की परवाह किए बिना राव नरबीर और अभय सिंह यादव ने राव इंद्रजीत के लिए \“छोटे दिल वाला\“ और \“अहीर समाज के ठेकेदार\“ जैसे शब्दों तक का इस्तेमाल कर दिया है।
राव नरबीर ने तो यहां तक कह दिया कि \“राव इंद्रजीत पर उम्र का तकाजा है। वे पुरानी बातें भूल गए हैं। मेरा तो राजनीतिक जीवन ही राव इंद्रजीत को हराकर शुरू हुआ है।\“
अहीरवाल में सीटों का समीकरण कैसा है?
बता दें, अहीरवाल में 11 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जिन पर सीधे अहीर मतदाताओं का प्रभाव रहता है। साल 2024 के विधानसभा चुनाव में अहीरवाल की 11 सीटों में से आठ पर राव इंद्रजीत समर्थक विधायक बने हैं, जिस कारण वे अक्सर भाजपा पर दबाव बनाते हैं। हालांकि, वे इन विधायकों की संख्या 10 बताते हैं। पिछले दिनों अपनी बेटी आरती राव के चंडीगढ़ निवास पर विधायकों का रात्रिभोज कर राव इंद्रजीत अपनी ताकत दिखा चुके हैं।
पार्टी सूत्रों का मानना है कि इस बार भाजपा ने राव की दबाव की पुरानी राजनीति को हलके में नहीं लेने का निर्णय लिया है। उनके विरुद्ध पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव के साथ-साथ राव नरबीर और अभय सिंह यादव को खुला जवाब देने की मौखिक छूट दी गई है, ताकि आने वाले समय में राव पार्टी के लिए कोई संकट पैदा न कर सकें। यह जुबानी जंग अहीरवाल का बड़ा नेता बनने की होड़ के चलते भी हो रही है।
अहीरवाल की तरह की राजनीति ब्रज क्षेत्र में भी
अहीरवाल की तरह की राजनीति हालांकि दक्षिण हरियाणा के ब्रज क्षेत्र में भी है, लेकिन वहां इतनी मारामारी नहीं है, जिनती मारामारी अहीरवाल में मची है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ब्रज क्षेत्र में प्रभावशाली नेता हैं, लेकिन शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम और खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर समय-समय पर कृष्णपाल गुर्जर पर राजनीतिक हमला करने से नहीं चूकते।
ऐसी स्थिति तब आती है, जब उन्हें लगता है कि गुर्जर उनके राजनीतिक अस्तित्व को चुनौती दे रहे हैं। ब्रज क्षेत्र के इन नेताओं के बीच कई बार रिश्ते सुलझे और कई बार बिगड़े, लेकिन अहीरवाल जैसे चिंताजनक हालात नहीं बने।
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत के इन बयानों ने मचाई हलचल
- राव नरबीर भ्रष्टाचार के केस में 55 दिन जेल में रहे। उन्हें दूसरों के बारे में बोलने का हक नहीं हो सकता।
- हमने भाजपा की सरकार बनवाई, लेकिन हमें वाजिब इनाम नहीं मिला। तो क्या मैं गलत कहता हूं।
उद्योग मंत्री राव नरबीर के तीन बड़े बयान, जिन्होंने मचाई हलचल
- मेरी मदद और पार्टी की टिकट के बिना राव इंद्रजीत चुनाव नहीं जीत पाते। मैंने चुनाव में उनकी मदद की। उन्होंने मेरी कभी मदद नहीं की। मुझे उनकी मदद की जरूरत भी नहीं है। मैं अपने दम पर और जनता के वोट पर चुनाव जीतता हूं।
- भाजपा ने जो सम्मान राव इंद्रजीत सिंह के परिवार को दिया, वैसा शायद देश में कहीं किसी को नहीं मिला। पिता केंद्र में तो बेटी प्रदेश में मंत्री हैं। अब उनकी क्या इच्छा पूरी नहीं हुई। पांच विधायकों से कोई सीएम नहीं बनता।
- मेरे हाथों मिली हार को राव उम्र के तकाजे के कारण भूल गए। जब मैं 26 साल का था, तब मैं जाटूसाना से चुनाव लड़ा। जाटूसाना राव इंद्रजीत का आज भी गढ़ है। मैंने वहीं जाकर राव को हराया था।
पूर्व सिंचाई मंत्री डा. अभय सिंह यादव के दो बड़े बयान, जो चर्चा में हैं
- राव इंद्रजीत \“छोटे दिल वाले\“ हैं और \“अहीर समाज के ठेकेदार\“ बन रहे हैं। मैं चाहता हूं कि अहीरवाल में राव इंद्रजीत का \“राजघराना\“ प्रभाव कम हो।
- कुछ लोग सीएम बनने के सपने देखते हैं। जिनकी कभी किसी मुख्यमंत्री के साथ नहीं बनी, वे अपने क्षेत्र में विकास कहां से कराएंगे।
राव इंद्रजीत की बेटी आरती सिंह राव के दो बड़े बयान
- राव इंद्रजीत का कद बड़ा है। उन्हें किसी की जरूरत नहीं है। राव साहब केवल दक्षिण हरियाणा ही नहीं, बल्कि प्रदेश के बड़े नेता हैं। उनको राव नरबीर के वजूद की जरूरत नहीं है।
- कुछ लोगों को वजूद बचाने के लिए राव साहब का सहारा चाहिए। राव इंद्रजीत एक बरगद का पेड़ हैं। खुद नरबीर सिंह ने एक वक्त स्वीकार किया था कि अगर राव इंद्रजीत का साथ न होता, तो शायद उनके लिए विधानसभा की दहलीज लांघना भी मुमकिन नहीं हो पाता।
दक्षिण हरियाणा के नेताओं को बुलाकर बातचीत करेंगे प्रदेश अध्यक्ष
हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने अहीरवाल के नेताओं की एक-दूसरे के विरुद्ध बयानबाजी पर संज्ञान लेने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामला चाहे अहीरवाल के क्षेत्र का हो या ब्रज क्षेत्र का, दक्षिण हरियाणा में जो भी कुछ हो रहा है, उस पर संज्ञान लिया जाएगा। दक्षिण हरियाणा के संबंधित नेताओं को बुलाकर बातचीत की जाएगी। मोहन लाल बडौली का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होते ही इन सभी नेताओं को बुलाकर बातचीत करेंगे। |
|