LHC0088 • 2025-12-20 13:08:42 • views 698
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने सुधार के नाम पर लोकसभा में एक और बिल पास करा कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना मनरेगा को समाप्त कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राम के नाम पर समाज में विवाद पैदा करने का प्रयास कर रही है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम का कांग्रेस सड़क से संसद तक विरोध करेगी और 27 दिसंबर को देश-व्यापी धरने प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। नेशनल हेराल्ड मामले पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा की बदले की राजनीति को एक बड़ा झटका है। इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए।
शुक्रवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलने के साथ ही अब इसका बोझ राज्यों पर डाल दिया है। जो अधिकार पहले पंचायतों के पास थे उन्हें अब छीनकर केंद्रीयकृत व्यवस्था को सौंपा जा रहा है। यह कहा कि यह कदम महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है और कांग्रेस इसका सख्ती से विरोध करेगी।
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नेशनल हेराल्ड मामले में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी व राहुल गांधी के खिलाफ अदालत ने दर्ज केस को खारिज कर दिया है। इससे साफ है कि यह मामले केवल राजनीतिक बदला देने के लिए उठाया गया था।
भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का मनरेगा कार्ड दिखाया
इस दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य करन माहरा ने कहा कि प्रदेश में मनरेगा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। उन्होंने भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का मनरेगा का बना कार्ड भी सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि समझा जा सकता है कि इस योजना का किस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना में खेती जैसे कई अहम बिंदु हटाए गए हैं, जिससे उत्तराखंडवासियों को नुकसान हो सकता है। |
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